दनकौर/ग्रेटर नोएडा/ भारतीय टॉक न्यूज़: गौतमबुद्ध नगर के दनकौर क्षेत्र के दलेलगढ़ गांव में एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों भरे माहौल को गम में बदल दिया। अपने मामा की 41 दिनों की तपस्या पूरी होने पर आयोजित भंडारे में शामिल होने आए तीन वर्षीय मासूम देवांश की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और ग्रामीणों में प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है।

तपस्या के अंतिम दिन हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, दलेलगढ़ निवासी अनिल की बेटी अंजलि कुछ दिन पहले ही अपने मायके आई थी। अंजलि के भाई देवेंद्र उर्फ कालू पिछले 41 दिनों से गांव में स्थित डालेश्वर बाबा की समाधि पर तपस्या कर रहे थे। शनिवार को तपस्या का अंतिम दिन था, जिसके उपलक्ष्य में समाधि पर प्रसाद वितरण और भंडारे का भव्य आयोजन चल रहा था। परिवार के सभी सदस्य और रिश्तेदार इस धार्मिक अनुष्ठान में व्यस्त थे। इसी दौरान तीन वर्षीय देवांश खेलते-खेलते समाधि के पास बने एक गहरे गड्ढे के पास पहुंच गया और उसमें गिर गया।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, प्रशासन पर उठाए सवाल
काफी खोजबीन के बाद जब देवांश का पता नहीं चला, तो ग्रामीणों को पास के तालाब और गड्ढे पर शक हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस और गोताखोरों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। स्थानीय निवासी अमित भाटी व अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि यह जमीन पशुचर की है और यहां लंबे समय से गहरा गड्ढा बना हुआ है। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों से इसकी तारबंदी और घेराबंदी की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।

मायके में पसरा सन्नाटा, मां का रो-रोकर बुरा हाल
देवांश अपनी मां अंजलि के साथ सिकंदराबाद के गांव सपौनी से अपने ननिहाल आया था। जिस घर में मामा की तपस्या पूर्ण होने का जश्न मनाया जाना था, वहां अब चीख-पुकार मची है। अंजलि का रो-रोकर बुरा हाल है। दनकौर थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। पुलिस मामले को हादसा मान रही है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

