Greater Noida/ Jewar : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का औचक निरीक्षण किया। एयरपोर्ट के उद्घाटन की पहले से तय 30 अक्टूबर की तारीख निर्माण में देरी के चलते टल गई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और बचे हुए 5% काम को 10 नवंबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट से सुबह 11:42 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले हेलीकॉप्टर से एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण करते हुए तीन चक्कर लगाए। इसके बाद 11:48 पर उन्होंने टर्मिनल बिल्डिंग का रुख किया।

टर्मिनल बिल्डिंग से सभा स्थल तक का निरीक्षण
सीएम योगी ने टर्मिनल बिल्डिंग में प्रवेश से लेकर बोर्डिंग तक की जा रही तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने टर्मिनल के ठीक सामने उस संभावित स्थल का भी दौरा किया, जहाँ उद्घाटन समारोह के लिए प्रधानमंत्री की जनसभा आयोजित की जा सकती है। निरीक्षण के बाद, मुख्यमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. (NIAL) के कार्यालय में निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।
बैठक में दिए कड़े निर्देश, 10 नवंबर नई डेडलाइन

सूत्रों के अनुसार, बैठक में मुख्यमंत्री ने अब तक हुए 95% विकास कार्यों पर संतुष्टि जाहिर की, लेकिन काम में हुई देरी पर नाराजगी भी जताई। जेवर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पहले 29 सितंबर 2024 तक पूरा होना था, जिसे बाद में दिसंबर 2024, फिर अप्रैल 2025 और अंत में 30 अक्टूबर 2025 तक बढ़ाया गया था।
30 अक्टूबर की डेडलाइन चूकने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बचे हुए काम को गुणवत्ता के साथ 10 नवंबर तक पूरा किया जाए, ताकि एयरपोर्ट का शुभारंभ और संचालन जल्द से जल्द शुरू हो सके।
पहले चरण में 150 उड़ानें, 1.2 करोड़ यात्री क्षमता
- अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि एयरपोर्ट के प्रथम चरण का 95% काम पूरा हो चुका है।
- शुरुआत में, एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा।
- यहां से प्रतिदिन 150 उड़ानों का संचालन किया जाएगा।
- पहले चरण में एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता 1 करोड़ 20 लाख होगी।
- प्रथम चरण के निर्माण की लागत लगभग 7000 करोड़ रुपये है, जबकि जमीन अधिग्रहण पर 5000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

5 रनवे के साथ बनेगा देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट
यह एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की राह पर है।
🔸 मौजूदा समय में 3300 एकड़ भूमि पर निर्माण हुआ है, और कुल 6700 एकड़ भूमि कब्जे में ली जा चुकी है।
🔸 अगले 3 महीनों में 5100 एकड़ भूमि और अधिग्रहित की जाएगी।
🔸 परियोजना के पूर्ण होने पर, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कुल 5 रनवे होंगे।
🔸एयरपोर्ट का कुल क्षेत्रफल 11750 एकड़ होगा और इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 30 करोड़ तक पहुंच जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगभग 1 घंटा 10 मिनट तक एयरपोर्ट पर रहे और 12:58 बजे गाजियाबाद के लिए रवाना हो गए। इस दौरान प्रदेश सरकार में मंत्री ब्रजेश सिंह, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, दादरी विधायक तेजपाल नागर, जिलाधिकारी मेधा रूपम, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

