Dankaur / Greater Noida / भारतीय टॉक न्यूज़ (संवाददाता) : दनकौर कोतवाली क्षेत्र में एक महीने पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए 23 वर्षीय युवक की मौत का रहस्य और भी गहरा गया है। परिजनों द्वारा हत्या का आरोप लगाए जाने के बाद कब्र से शव निकलवाकर कराए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस ने अब मौत की असली वजह जानने के लिए बिसरा (Viscera) को सुरक्षित रख लिया है और उसे आगे की जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
मामला दनकौर के अट्टा फतेहपुर गांव का है। यहाँ के निवासी 23 वर्षीय शहजाद का शव 3 सितंबर को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर संदिग्ध हालात में मिला था। उस समय परिवार ने इसे एक सामान्य हादसा मानकर शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था। लेकिन, कुछ समय बाद परिवार को शक हुआ कि शहजाद की मौत हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है।
मृतक के परिजनों ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि शहजाद का दनकौर कस्बे में लगे एक मेले के दौरान पड़ोसी गांव के कुछ युवकों से झगड़ा हुआ था। परिवार का दावा है कि इसी रंजिश के चलते उन युवकों ने शहजाद की हत्या कर दी और घटना को हादसे का रूप देने के लिए शव को एक्सप्रेसवे पर फेंक दिया।
परिवार की गंभीर शिकायतों और हत्या की आशंका के आधार पर, पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए लगभग एक महीने बाद शुक्रवार को शहजाद के शव को कब्र से बाहर निकलवाया। शनिवार, 4 अक्टूबर 2025, को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया, जिससे यह गुत्थी और उलझ गई है।
इस संबंध में दनकौर कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट न होने के चलते बिसरा को सुरक्षित कर लिया गया है। बिसरा की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का खुलासा हो सकेगा। पुलिस परिजनों के आरोपों और अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहनता से जांच कर रही है।

