Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: गौतमबुद्धनगर की एक अदालत ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में साल 2020 के एक हत्या मामले में पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य जघन्य अपराधों में दोषियों को जल्द से जल्द और प्रभावी ढंग से सजा दिलाना है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला थाना कासना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां वर्ष 2020 में एक आपराधिक घटना को लेकर मुकदमा अपराध संख्या 167/2020 दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड विधान की गंभीर धाराओं 147, 148, 149, 323, 324, 326, 302, 307, 504, और 506 के तहत कार्रवाई की थी, जिसमें हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा और मारपीट जैसी धाराएं शामिल थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने इसकी मॉनिटरिंग और पैरवी को प्राथमिकता पर रखा।
अदालत का फैसला
आज दिनांक 07 अक्टूबर, 2025 को माननीय न्यायालय ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने और सबूतों की जांच के बाद पांच अभियुक्तों को दोषी करार दिया। ग्रेटर नोएडा के अमीनाबाद (नियाना) गांव के निवासी जसमाल, राजकुमार, निशांत उर्फ निशु, मोंटी और निरोज को अदालत ने दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 34,000 रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस और अभियोजन की मज़बूत पैरवी लाई रंग
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत इस हाई-प्रोफाइल मामले को प्राथमिकता पर रखा गया। गौतमबुद्धनगर पुलिस की मॉनिटरिंग सेल ने मामले की लगातार निगरानी की, जबकि थाना कासना पुलिस और अभियोजन इकाई ने मिलकर न्यायालय के समक्ष मज़बूती से साक्ष्य और गवाह पेश किए। वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और प्रभावी दलीलों के परिणाम स्वरूप माननीय न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को दोषी करार दिया।
अपराधियों को एक कड़ा संदेश
इस फैसले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस और न्यायपालिका मिलकर अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ जैसे अभियानों का उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि प्रभावी पैरवी के माध्यम से उन्हें जल्द से जल्द और कठोरतम सज़ा दिलाना है, ताकि समाज में कानून का राज स्थापित हो सके।
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और इस प्रकार की प्रभावी कानूनी कार्यवाही भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।

