गौतमबुद्धनगर: नशे के खिलाफ जिले में 10 अक्टूबर से महाभियान, शराब माफियाओं पर कसेगा शिकंजा, शिक्षण संस्थानों पर भी रहेगी नजर

Gautam Buddha Nagar: A massive campaign against drug abuse will begin in the district from October 10th, with liquor mafias under scrutiny and educational institutions also under scrutiny.

Bharatiya Talk
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गौतमबुद्धनगर: नशे के खिलाफ जिले में 10 अक्टूबर से महाभियान, शराब माफियाओं पर कसेगा शिकंजा, शिक्षण संस्थानों पर भी रहेगी नजर

Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़ (संवाददाता): जिले को नशा और अवैध शराब के कारोबार से मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने एक व्यापक और त्रि-स्तरीय कार्ययोजना तैयार की है। जिलाधिकारी (डीएम) मेधा रूपम की अध्यक्षता में हुई नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की जिला स्तरीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 10 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक एक सघन ‘विशेष प्रवर्तन अभियान’ चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत न केवल शराब माफियाओं पर नकेल कसी जाएगी, बल्कि नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी और शिक्षण संस्थानों में जागरूकता पर भी जोर दिया जाएगा।

चप्पे-चप्पे पर रहेगी टीमों की नजर

 गौतमबुद्धनगर: नशे के खिलाफ जिले में 10 अक्टूबर से महाभियान, शराब माफियाओं पर कसेगा शिकंजा, शिक्षण संस्थानों पर भी रहेगी नजर

जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, तस्करी और परिवहन को पूरी तरह रोकना है। इसके लिए उप जिलाधिकारियों (SDM) और आबकारी निरीक्षकों के नेतृत्व में संयुक्त टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें जिले के सभी थाना क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगी और अवैध शराब के ठिकानों पर छापेमारी कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी। डीएम मेधा रूपम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस अवैध कारोबार में लिप्त माफियाओं और तस्करों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

नशा मुक्ति केंद्रों का होगा औचक निरीक्षण

अभियान सिर्फ प्रवर्तन तक सीमित नहीं रहेगा। डीएम ने जिले में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों के कामकाज पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एक विशेष टीम गठित की जाएगी जो समय-समय पर इन केंद्रों का औचक निरीक्षण करेगी। इस निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ये केंद्र निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित हो रहे हैं और वहां भर्ती लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल रहा है।

युवाओं को बचाने के लिए शिक्षण संस्थानों में अभियान

नशे की लत से युवाओं को बचाने के लिए प्रशासन ने एक विशेष रणनीति बनाई है। डीएम ने निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, स्कूलों, छात्रावासों और पीजी आवासों में औचक निरीक्षण किया जाए। सभी शिक्षण संस्थानों से ‘नशा मुक्त परिसर’ होने का शपथ पत्र लिया जाएगा। इसके साथ ही, जो संस्थान इस अभियान में उत्कृष्ट कार्य करेंगे, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा। जागरूकता अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए आरडब्ल्यूए और स्वयंसेवी संगठनों (NGOs) को भी इससे जोड़ा जाएगा।

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