Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: एक साफ-सुथरे और विकसित शहर में बेहतर जीवन का सपना लेकर बसे सेक्टर अल्फा 2 के निवासी आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। सेक्टर इस समय बदहाली की मार झेल रहा है, जहाँ हर तरफ गंदगी का अंबार, ओवरफ्लो होते सीवर, टूटी सड़कें और नालियों में जमा पानी आम बात हो गई है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई परिवार अपने घरों को बेचकर यहाँ से पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।
सेक्टर की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के अध्यक्ष सुभाष भाटी द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह दर्द सामने आया है। उन्होंने बताया कि सेक्टर में प्राधिकरण द्वारा की जाने वाली मूलभूत जिम्मेदारियों में से एक भी कार्य ठीक ढंग से नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा, “जिस प्राधिकरण पर सेक्टर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी है, वही आज इसकी दुर्दशा का सबसे बड़ा कारण बन गया है।”
समस्याओं का अंबार, व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त
भाटी ने सेक्टर की समस्याओं को गिनाते हुए बताया कि यहाँ की स्थिति चिंताजनक है। मुख्य समस्याओं में शामिल हैं:
गंदगी और कूड़े के ढेर: घरों से निकलने वाला कूड़ा और सड़कों पर फैली गंदगी ने सेक्टर को कूड़ेदान में तब्दील कर दिया है।
ओवरफ्लो सीवर और जलभराव: सीवर लाइनें अक्सर जाम रहती हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। टूटी नालियों में भरा पानी बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रहा है।
टूटी और जर्जर सड़कें: सेक्टर की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे न केवल आवागमन में परेशानी होती है, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
अतिक्रमण की समस्या: सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ता अतिक्रमण भी एक बड़ी चुनौती है, जिस पर प्राधिकरण का कोई ध्यान नहीं है।
टूट रहे हैं सपने, लोग छोड़ रहे हैं घर
RWA अध्यक्ष ने भावुक होते हुए कहा, “लोगों ने अपनी जीवन भर की पूंजी लगाकर यहाँ घर खरीदा था ताकि वे एक अच्छे माहौल में रह सकें और अपने बच्चों का भविष्य संवार सकें। लेकिन आज यहाँ का वातावरण इतना बिगड़ चुका है कि लोग निराश होकर अपने मकान बेचकर जा रहे हैं।” यह पलायन इस बात का प्रतीक है कि निवासियों का व्यवस्था से विश्वास उठ चुका है।
प्राधिकरण को अंतिम चेतावनी
सुभाष भाटी ने प्राधिकरण को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इन समस्याओं पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया तो सेक्टर की स्थिति और भी भयावह हो जाएगी। उन्होंने कहा, “यदि समय रहते प्राधिकरण ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह शहर बर्बाद हो जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।” निवासियों ने अब एक स्वर में अपनी समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि उनका जीवन दोबारा पटरी पर लौट सके।

