Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट की थाना फेस-3 पुलिस ने एक ऐसे शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है, जो एटीएम मशीन के कैश डिस्पेंसर पर काली टेप लगाकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करता था। पुलिस ने बीट पुलिसिंग और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस गैंग के चार वांछित सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 67 एटीएम कार्ड, नगदी, अवैध चाकू और धोखाधड़ी के पैसों से खरीदे गए कपड़े बरामद हुए हैं।

अपराध का अनूठा तरीका
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपने अपराध करने के तरीके का खुलासा किया, जो बेहद शातिराना था।
रैकी और टारगेट: यह गैंग सबसे पहले शहर के भीड़भाड़ वाले एटीएम की रैकी करता था।
टेप का इस्तेमाल: गैंग के सदस्य एटीएम के कैश निकासी द्वार (कैश डिस्पेंसर) पर पहले से ही एक काली टेप चिपका देते थे, जिससे पैसे बाहर न निकल सकें।
टीम वर्क: गैंग का एक सदस्य एटीएम इस्तेमाल करने आए व्यक्ति के साथ केबिन में घुस जाता था और चुपके से उसका पिन देख लेता था। दूसरा सदस्य बाहर निगरानी करता था ताकि कोई और अंदर न आ सके।
कार्ड बदलना: जब टेप लगे होने के कारण ग्राहक के पैसे नहीं निकलते थे, तो आरोपी मदद करने का नाटक करते थे और इसी दौरान बड़ी सफाई से पीड़ित का एटीएम कार्ड एक नकली कार्ड से बदल देते थे।
पैसे निकालना और शॉपिंग: जैसे ही परेशान होकर ग्राहक वहां से चला जाता, आरोपी टेप हटाकर उसके खाते से पैसे निकाल लेते थे। कैश लिमिट पूरी होने के बाद वे इन्हीं कार्डों से दुकानों पर जाकर जमकर खरीदारी करते थे।

गिरफ्तारी और बरामदगी
थाना फेस-3 पुलिस ने दिनांक 15 अक्टूबर 2025 को सेक्टर-68 के एक खाली मैदान से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान पंकज कुमार, धर्मेन्द्र, नवलेश सिंह और गोपाल के रूप में हुई है। ये सभी मूल रूप से बिहार के गया और नवादा जिलों के रहने वाले हैं और वर्तमान में नोएडा के नया गाँव में रह रहे थे।
पुलिस ने इनके कब्जे से 67 एटीएम कार्ड, 4 अवैध चाकू, 2840 रुपये नकद, 1 मोबाइल फोन, 1 पैन कार्ड और धोखाधड़ी के पैसों से खरीदे गए 15 कपड़े व उनके बिल बरामद किए हैं। बरामद पैन कार्ड और एक एटीएम कार्ड उसी पीड़ित का है, जिसके मामले में इन पर थाना फेस-3 में मुकदमा दर्ज था और ये वांछित चल रहे थे।
दर्ज मुकदमे
आरोपियों के खिलाफ थाना फेस-3 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस गैंग के आपराधिक इतिहास की और जानकारी जुटा रही है।

