Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: दिवाली के त्योहार से ठीक पहले, गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए स्थान निर्धारित करने के फैसले पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने पूरे जिले में केवल पांच स्थानों को मंजूरी दी है, जिसमें घनी आबादी वाले ग्रेटर नोएडा वेस्ट और दनकौर-रबूपुरा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। इस फैसले से इन इलाकों के निवासियों, विशेषकर किसानों में भारी रोष है, जिन्होंने इसे शहरी और ग्रामीण आबादी के बीच भेदभाव बताया है।
पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, यह व्यवस्था 18 से 20 अक्टूबर 2025 तक लागू रहेगी और केवल लाइसेंस धारक ही ग्रीन पटाखे बेच सकेंगे। नोएडा के लिए तीन और ग्रेटर नोएडा के लिए दो स्थान आवंटित किए गए हैं।
कहां-कहां मिलेंगे पटाखे?
नोएडा जोन: रामलीला मैदान (सेक्टर-62), रामलीला मैदान (सेक्टर-46), और कबड्डी ग्राउंड (गढ़ी गोल चक्कर, फेस-3)।
ग्रेटर नोएडा जोन: रामलीला मैदान (ग्राम ऐच्छर) और अग्रसेन इंटर कॉलेज मैदान (दादरी)।
नजरअंदाज क्षेत्रों में गुस्सा
इस सूची में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ऊंची इमारतों में रहने वाली लाखों की आबादी और दनकौर-रबूपुरा के ग्रामीण इलाकों को कोई जगह नहीं दी गई है। इन क्षेत्रों के निवासियों का कहना है कि पटाखे खरीदने के लिए उन्हें 20 से 30 किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा, जिससे न केवल उनका समय बर्बाद होगा, बल्कि ईंधन का अतिरिक्त खर्च भी बढ़ेगा। एक ग्रामीण ने कहा, “पुलिस को लगता है कि त्योहार सिर्फ शहर वाले मनाते हैं। हमें हर सुविधा के लिए क्यों तरसना पड़ता है?”
अवैध बिक्री की आशंका बढ़ी
पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के प्रदूषण नियंत्रण दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए इस फैसले को सही ठहराया है और नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द करने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि इस अव्यवहारिक फैसले से अवैध पटाखा बिक्री को बढ़ावा मिलेगा। लोगों ने मांग की है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट और देहात क्षेत्रों में भी कम से कम एक-एक बिक्री केंद्र बनाया जाए, ताकि सभी को समान सुविधा मिल सके और लोग अवैध स्रोतों से पटाखे खरीदने को मजबूर न हों।

