Greater Noida / भारतीय टॉक न्यूज़: दीपावली के दिन थाना जारचा क्षेत्र के सैथली गांव में हुए चाचा-भतीजे के दोहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। इंसाफ की मांग को लेकर आज दोपहर सैकड़ों की संख्या में परिजन सूरजपुर स्थित पुलिस आयुक्त (सीपी) कार्यालय पहुंचे और कार्यालय का घेराव करते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल थे, जिन्होंने जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की।
परिजनों के अनुसार, घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने इस मामले में एक बदमाश को गिरफ्तार किया था, लेकिन परिवारजन इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि पुलिस मामले में ढिलाई बरत रही है। सीपी कार्यालय पहुंचने से पहले, परिजनों ने आज सुबह सैथली पुलिस चौकी पर भी पहुंचकर अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया था।
सीपी लक्ष्मी सिंह ने दिया सख्त कार्रवाई का आश्वासन
कार्यालय पर भारी भीड़ और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस आयुक्त श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने खुद पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने धरने पर बैठे लोगों के पास जाकर उनकी एक-एक बात को बारीकी से सुना और उन्हें शांत कराया।
सीपी लक्ष्मी सिंह ने परिवार को आश्वासन दिया कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं। उन्होंने कहा कि बदमाशों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी होगी और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि अगर इस मामले में पुलिस की तरफ से कोई लापरवाही हुई है, तो दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त से मिले इस ठोस आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और अपना धरना समाप्त कर घर वापस लौट गए।

यह था पूरा मामला
मालूम हो कि दीपावली वाले दिन थाना जारचा क्षेत्र के सैथली गांव में नाली के पानी के निकास को लेकर एक मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया था। गांव में रहने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) से रिटायर्ड उप निरीक्षक अजय पाल का उनके पड़ोसी प्रिंस भाटी से विवाद हो गया था।
आरोप है कि विवाद के बाद प्रिंस भाटी ने अपने रिश्तेदार बोबी और मनोज समेत अन्य साथियों को बुला लिया। इन लोगों ने अजय पाल के ऊपर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली की आवाज सुनकर अजय पाल के भतीजे दीपांशु उन्हें बचाने आए, तो हमलावरों ने उन्हें भी गोली मार दी। इस घटना में अजय पाल और उनके भतीजे दीपांशु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सुभाष नामक एक अन्य व्यक्ति भी गोली लगने से घायल हो गया था।

