Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में विवाहिता निक्की भाटी की जलाकर हत्या के चर्चित मामले में कासना कोतवाली पुलिस जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल करने की तैयारी में है। पुलिस की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और अब केवल फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट आते ही पुलिस कोर्ट में अपनी जांच का अंतिम ब्योरा पेश कर देगी।
यह मामला तब और गंभीर हो गया जब अस्पताल द्वारा पुलिस को दिए गए शुरुआती मेमो में निक्की के जलने का कारण ‘सिलेंडर का फटना’ बताया गया था। लेकिन पुलिस की जांच इस थ्योरी से बिल्कुल अलग दिशा में गई। जब जांच टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जिसमें बिस्तर, रसोई, गैस चूल्हा और आंगन का बारीकी से मुआयना किया गया, तो उन्हें घर से सिलेंडर फटने या विस्फोट होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला।
इसके विपरीत, पुलिस को घटनास्थल से मिट्टी के नमूने, जले हुए कपड़े, एक थिनर की बोतल और एक लाइटर मिला। पुलिस ने आरोपियों के पास से ज्वलनशील पदार्थ (थिनर) भी बरामद किया था। इन सभी वस्तुओं को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है। अब FSL रिपोर्ट से ही यह वैज्ञानिक रूप से तय हो सकेगा कि निक्की की मौत आग लगने की आकस्मिक घटना थी या उसे जानबूझकर जलाया गया था।
गौरतलब है कि दादरी के रूपवास गांव में ससुराल पक्ष पर निक्की भाटी की पिटाई करने और फिर उसे आग लगाने का आरोप है। अस्पताल में इलाज के दौरान निक्की की मौत हो गई थी। इस मामले में मृतका की बहन कंचन भाटी की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति विपिन भाटी, जेठ रोहित भाटी, सास दया और ससुर सतवीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस इस केस में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। एफएसएल रिपोर्ट के अलावा, सीसीटीवी फुटेज को भी जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है। फुटेज से यह साबित करने में मदद मिलेगी कि घटना के समय आरोपियों की मौजूदगी कहाँ थी और उनके यह दावे कि वे बाहर थे, कितने सच्चे हैं।
पुलिस ने पीड़ित परिजन, पड़ोसियों, मौके पर सबसे पहले पहुंचे लोगों और इलाज करने वाले डॉक्टरों के बयान दर्ज कर लिए हैं। इसके साथ ही, मृतका निक्की, उसकी बहन कंचन समेत सभी आरोपियों की कॉल डिटेल्स (सीडीआर) और मोबाइल लोकेशन को भी खंगाला गया है।
वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता अमित भाटी ने कहा है कि वे चार्जशीट का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चार्जशीट आने के बाद ही आरोपियों की जमानत के लिए अर्जी दाखिल की जाएगी और कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा जाएगा। पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद, कोर्ट आरोपियों पर चार्ज फ्रेम कर मामले का ट्रायल शुरू करेगी।

