Jewar/ भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के महत्वाकांक्षी विस्तार योजना को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने एयरपोर्ट के तीसरे और चौथे चरण के लिए प्रस्तावित 1857 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना (R&R) ड्राफ्ट योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। इस विस्तार से 14 गांवों के लगभग 17,000 परिवार प्रभावित होंगे।
सरकार की इस मंजूरी के बाद, गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन अब प्रभावित परिवारों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। यह नोटिस ‘भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम’ की धारा 21 के तहत जारी किए जाएंगे, जो भूमि और मकानों के अधिग्रहण से संबंधित हैं।
पहले घर बनेगा, फिर हटेंगे लोग
मंजूर किए गए R&R ड्राफ्ट में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर एक महत्वपूर्ण और स्पष्ट प्रावधान किया गया है। ड्राफ्ट के अनुसार, प्रभावित परिवारों को उनके मूल स्थान से तब तक नहीं हटाया जाएगा, जब तक कि उन्हें पुनर्वास क्षेत्र में आवंटित आवासीय भूखंड पर उनका भवन निर्माण पूरा नहीं हो जाता। यह पूरी प्रक्रिया दो साल की निर्धारित अवधि में पूरी करनी होगी, जो विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है।
ग्रेटर नोएडा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की उड़ान भरने की तैयारी!
➡️ इस हफ्ते कैलिब्रेशन फ्लाइट उड़ेगी
➡️ DGCA लाइसेंस के लिए फ्लाइट टेस्ट
➡️ सोमवार को नेविगेशन उपकरण पास
➡️ बुधवार को मिनी एयरक्राफ्ट से टेस्टिंग
➡️ दिसंबर तक कमर्शियल ऑपरेशन शुरू संभव
➡️ CM का निर्देश: 15… pic.twitter.com/WqOxJBkteH— BT News |Bharatiya Talk| (@BharatiyaTalk) October 28, 2025
6 गांवों में बसेंगी पुनर्वास कॉलोनियां
R&R ड्राफ्ट के अनुसार, जिला प्रशासन ने इन 17,000 विस्थापित परिवारों के लिए पुनर्वास कॉलोनियां विकसित करने की जगह भी चिह्नित कर ली है। इसके लिए छह गांवों— मंगरौली, नीमका शाहजहांपुर, अलावलपुर, सदुल्लापुर, अहमदपुर चौरोली और जेवर बांगर— में कुल 438 हेक्टेयर (437.99 हेक्टेयर) भूमि की पहचान की गई है।
अब शुरू होगी अधिग्रहण की प्रक्रिया
ड्राफ्ट मंजूरी के बाद अब इन छह गांवों में पुनर्वास के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसकी शुरुआत धारा-4 के तहत सोशल इंपेक्ट असेसमेंट (SIA) से होगी। इसके बाद, अधिनियम की धारा-11 के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण के लिए एक सार्वजनिक अधिसूचना जारी की जाएगी, जो इस प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत होगी। यह विस्तार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

