Greater Noida/भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में घोर लापरवाही बरतने पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने एक बड़ी कार्रवाई की है। अभियान की समीक्षा के दौरान काम में सुस्ती और उदासीनता पाए जाने पर 130 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और 13 सुपरवाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही, इन सभी कर्मियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
यह कार्रवाई जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) मेधा रूपम द्वारा बुधवार को की गई समीक्षा बैठक के बाद हुई। लापरवाही का आलम यह था कि अभियान शुरू होने के दो दिन बाद भी तहसील स्तर से गणना प्रपत्रों का वितरण तक शुरू नहीं हुआ था।
क्या है पूरा मामला?
भारत निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार, 4 नवंबर से जिले में विधानसभा की मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान जिले के 1868 बूथों पर चलाया जा रहा है। इसमें सभी बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करना और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए गणना प्रपत्र भरवाने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया था।
समीक्षा में मिली घोर लापरवाही
अभियान के शुरुआती दो दिनों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी मेधा रूपम ने पाया कि कई स्तरों पर अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। बीएलओ और सुपरवाइजरों की ओर से गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच में पता चला कि कई बीएलओ अपने निर्धारित बूथों पर नहीं गए और न ही गणना प्रपत्रों के वितरण का काम शुरू किया गया।
158 अधिकारियों और कर्मचारियों पर गिरी गाज
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला निर्वाचन अधिकारी ने बुधवार को कड़ा कदम उठाया।
🔸 130 बीएलओ और 13 सुपरवाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए।
🔸इन 143 कर्मियों के साथ-साथ 3 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) और 12 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) की भी लापरवाही पाई गई।
🔸 इन सभी 158 अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी मेधा रूपम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में सुस्ती बरती जाती है, तो उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

