Greater Noida / भारतीय टॉक न्यूज़: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने अपनी 87वीं बोर्ड बैठक में आम जनता के हित में कई बड़े और अहम निर्णय लिए हैं। सबसे बड़ी कार्रवाई उन आवंटियों पर की गई है, जिन्होंने प्राधिकरण से भूखंड (प्लॉट) तो ले लिया, लेकिन निर्धारित समय-सीमा के भीतर उस पर भवन का निर्माण नहीं किया है।
इसके साथ ही, प्राधिकरण ने अपने नए दफ्तर के निर्माण और जनता की सुविधा के लिए एक नए डिजिटल पोर्टल की भी घोषणा की।
निर्माण न करने वालों को मिला ‘अंतिम मौका’
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन आवंटियों ने अभी तक अपने भूखंडों पर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है, उन्हें एक ‘अंतिम मौका’ दिया जाएगा।
🔸 45 दिन की मोहलत: ऐसे सभी भूखंड धारकों को अगले 45 दिनों के भीतर भवन के मानचित्र (नक्शा) का अनुमोदन कराना अनिवार्य होगा।
🔸 60 दिन में शुरू करें काम: नक्शा पास होने के बाद, उन्हें अगले 60 दिनों के भीतर भूखंड पर निर्माण की कार्रवाई शुरू करनी होगी।
प्राधिकरण ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी आवंटी इस आदेश का उल्लंघन करेंगे, उन पर नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण की 112% बंपर कमाई
बैठक में प्राधिकरण की वित्तीय उपलब्धियों का ब्योरा भी रखा गया। अधिकारियों ने बताया कि प्राधिकरण ने पिछले एक वर्ष के दौरान 192 करोड़ रुपए की शानदार कमाई की है। यह कमाई पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 112 प्रतिशत अधिक है, जो प्राधिकरण की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
बैठक के अन्य बड़े फैसले
1. नए भवन के लिए कंपनी का चयन
यमुना प्राधिकरण का नया मुख्य कार्यालय सेक्टर 18 में बनाया जाना प्रस्तावित है। इस नए भवन का नक्शा (डिज़ाइन) तैयार करने के लिए बोर्ड बैठक में एक कंपनी का चयन कर लिया गया है। इस नए परिसर में मुख्य कार्यालय के साथ-साथ 4 जोनल ऑफिस भी बनाए जाएंगे। कंपनी को जल्द से जल्द नक्शा तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि नए साल के पहले या दूसरे महीने (जनवरी-फरवरी 2026) में भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
2. ‘वन मैप ईडा’ पोर्टल हुआ लाइव
जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, प्राधिकरण ने ‘वन मैप ईडा’ (One Map YEIDA) पोर्टल को पब्लिक के लिए लाइव कर दिया है। इस पोर्टल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे ही प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं, खाली पड़ी जमीनों की स्थिति, मास्टर प्लान ले-आउट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकता है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

