Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़ : अपनी धान की फसल की तुलाई न होने से नाराज किसानों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। दनकौर के रीलखा रोड स्थित राजकीय धान क्रय केंद्र पर किसान एकता संघ के बैनर तले चल रहे धरने के दूसरे दिन, आक्रोशित किसानों ने मंडी इंस्पेक्टर को ही बंधक बना लिया। इस घटना से प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद आला अधिकारियों को मौके पर आकर मोर्चा संभालना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद शर्मा ने बताया कि किसान पिछले पंद्रह दिनों से अपना धान लेकर मंडी में पड़े हैं, लेकिन सरकारी क्रय केंद्र पर उनकी फसल की तुलाई नहीं की जा रही है। लगातार हो रही इस लापरवाही के विरोध में किसान दो दिनों से धरना दे रहे थे।
मंगलवार को, जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो किसानों का सब्र जवाब दे गया। उन्होंने विरोध स्वरूप मंडी इंस्पेक्टर चंद्रभान शर्मा को पंचायत में ही बंधक बनाकर बैठा लिया।
प्रशासन में मचा हड़कंप, वार्ता के बाद बनी सहमति
मंडी इंस्पेक्टर को बंधक बनाने की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। किसानों के उग्र रुख को देखते हुए तत्काल डिप्टी आरएमओ (RMO) और मंडी सचिव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया।
घंटों चली लंबी बातचीत के बाद शाम को अधिकारियों और किसानों के बीच आपसी सहमति बनी। अधिकारियों ने निर्णय लिया कि किसानों के धान के सैंपल को दोबारा जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। उन्होंने किसानों को यह भी भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट आते ही तुलाई प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी जाएगी।
जांच रिपोर्ट तक धरना स्थगित
अधिकारियों से मिले इस आश्वासन के बाद गुस्साए किसानों ने अपना धरना स्थगित कर दिया। धरने का नेतृत्व कर रहे जोरा भाटी ने घोषणा की कि जब तक धान की जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक धरना स्थगित रहेगा, लेकिन अगर तुलाई फिर भी शुरू नहीं हुई, तो किसान दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर पप्पे नागर, देशराज नागर, कृष्ण बैसला, भूपेंद्र नागर, वनीस प्रधान, उम्मेद एडवोकेट, परवेज खान, और सल्लन पहलवान समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

