Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में चर्चित बाबूलाल हत्याकांड मामले में एक महत्वपूर्ण (development) सामने आया है। स्क्रैप माफिया के तौर पर कुख्यात रवि काना के खिलाफ चल रहा गैर इरादतन हत्या का मामला अब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट से सत्र न्यायालय (Sessions Court) में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह मामला अदालत के आदेश पर दर्ज किया गया था, जब एक महिला ने न्याय की गुहार लगाते हुए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था।
जमीन विवाद और धमकी
इस मामले की जड़ दनकौर क्षेत्र की एक जमीन है जो मृतक बाबूलाल के नाम पर थी। आरोप है कि 2004 में, रवि काना और उसके भाई ने दबाव बनाकर इस जमीन का इकरारनामा (agreement to sell) नारायण सिंह नामक व्यक्ति के नाम करा लिया था, लेकिन इसके लिए कोई भुगतान नहीं किया गया। जब बाबूलाल और उनकी पत्नी ने इस धोखाधड़ी का विरोध किया, तो उन्हें धमकाया गया और गांव छोड़ने पर मजबूर कर दिया गया।
कलेक्ट्रेट परिसर में हमला और मौत
यह मामला 2016 में और भी गंभीर हो गया, जब बाबूलाल अपने मामले की पैरवी के लिए अदालत आते-जाते थे। 29 अक्टूबर 2016 को, गौतमबुद्ध नगर कलेक्ट्रेट परिसर में रवि काना और उसके साथियों ने बाबूलाल को घेर लिया और उनके साथ अभद्रता की। विरोध करने पर उन्हें जबरन एक गाड़ी में बैठाकर बेरहमी से पीटा गया।
इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए बाबूलाल को पहले बुलंदशहर और फिर मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 30 नवंबर 2016 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
न्यायालय के आदेश पर FIR और वर्तमान स्थिति
पीड़ित पक्ष की अपील पर, अदालत के आदेश से पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, मारपीट, धमकी और अपहरण जैसी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। पहले यह मामला CJM कोर्ट में चल रहा था, लेकिन अब इसे सत्र न्यायालय में भेज दिया गया है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए आरोपी और पीड़ित, दोनों पक्षों को तलब किया है। उम्मीद है कि सत्र न्यायालय में अब इस मामले की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ेगी।

