ग्रेटर नोएडा में विकास को मिली रफ़्तार: मल्टीमॉडल हब्स के अलाइनमेंट को बोर्ड की मंज़ूरी

Development in Greater Noida gains momentum: Board approves alignment of multimodal hubs

Bharatiya Talk
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ग्रेटर नोएडा में विकास को मिली रफ़्तार: मल्टीमॉडल हब्स के अलाइनमेंट को बोर्ड की मंज़ूरी

Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा की दो महत्वाकांक्षी परियोजनाएं – मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब – अब ज़मीनी हकीकत बनने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ा चुकी हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 141वीं बोर्ड बैठक में इन दोनों हब्स के अलाइनमेंट (मार्ग संरेखण) को अंतिम रूप देते हुए, उन्हें मास्टर प्लान 2041 में शामिल करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। इस मंज़ूरी से इन हब्स को क्रमशः मेट्रो और रेलवे लाइन से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है।

ट्रांसपोर्ट हब के लिए 1.8 किमी का नया मेट्रो रूट

बोर्ड बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना रहा। प्राधिकरण बोर्ड ने ग्रेटर नोएडा डिपो से मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक जाने वाली मेट्रो लाइन के अलाइनमेंट को स्वीकृत कर दिया है।

🔸यह नया मेट्रो रूट लगभग 1.8 किलोमीटर लंबा होगा।

🔸यह 105 मीटर रोड के कॉरिडोर पर एक एलिवेटेड लाइन के रूप में निर्मित किया जाएगा, जिससे हज़ारों यात्रियों को सीधी और सुविधाजनक यात्रा मिलेगी।

लॉजिस्टिक हब को मिलेगी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से कनेक्टिविटी

औद्योगिक उत्पादों की ढुलाई को आसान बनाने के उद्देश्य से, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के अलाइनमेंट को भी मास्टर प्लान 2041 में शामिल करने की सहमति दे दी गई है। यह हब डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) से जुड़ेगा, जिसके लिए एक नई रेलवे लाइन का निर्माण किया जाना है। इस कनेक्टिविटी से ग्रेटर नोएडा से मुंबई और कोलकाता के बीच औद्योगिक माल की आवाजाही सरल और तेज़ हो जाएगी, जो क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 चेयरमैन की अध्यक्षता में हुई बैठक

शनिवार को यह प्रस्ताव आईडीसी व नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता और अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की मौजूदगी में हुई बोर्ड बैठक में रखा गया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार की ओर से रखे गए इन प्रस्तावों को बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से मंज़ूरी दे दी।

इन दोनों हब्स के अलावा, प्राधिकरण और नेशनल इंडस्ट्रियल कार्पोरेशन मिलकर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप भी विकसित कर रहे हैं, जहां कई बड़ी कंपनियों को पहले ही भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं और उद्योग चल रहे हैं, जिससे युवाओं को रोज़गार मिल रहा है। ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक हब्स को विकसित करने के लिए कंसल्टेंट पहले ही नियुक्त किए जा चुके हैं।

बोर्ड के इस निर्णय के बाद अब इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को ज़मीन पर उतारने का काम तेज़ी से आगे बढ़ सकेगा।

 

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