निक्की भाटी हत्याकांड: पति और सास मुख्य आरोपी, 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल

Nikki Bhati murder case: Husband and mother-in-law main accused, 500-page charge sheet filed

Partap Singh Nagar
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निक्की भाटी हत्याकांड: पति और सास मुख्य आरोपी, 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल

Greater Noida / भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में हुए निक्की भाटी हत्याकांड मामले में कासना कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में 500 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस ने इस जघन्य वारदात में मृतक के पति विपिन भाटी, जेठ रोहित भाटी, ससुर सत्यवीर और सास दया भाटी को आरोपी बनाया है। पुलिस का मानना है कि इन सभी आरोपियों ने एक आपराधिक षड्यंत्र के तहत निक्की भाटी की हत्या को अंजाम दिया है।

सोशल मीडिया वीडियो से थी नाखुशी

चार्जशीट में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि आरोपी पति विपिन और सास दया मृतक निक्की भाटी और उसकी बहन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाने से बेहद नाखुश थे। पुलिस के मुताबिक, बार-बार वीडियो बनाने से टोकने के बावजूद जब निक्की नहीं रुकी, तो आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। चार्जशीट के अनुसार, घटना को सास दया और पति विपिन ने मिलकर अंजाम दिया था।

पिटाई के बाद लगाई गई आग

यह वारदात 21 अगस्त को दादरी कोतवाली क्षेत्र के रूपवास गांव की निवासी निक्की भाटी के सिरसा गांव स्थित ससुराल में हुई थी। आरोप है कि 21 अगस्त को ससुराल पक्ष के लोगों ने पहले निक्की की पिटाई की और फिर उसे आग लगा दी। निक्की को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। निक्की की बहन कंचन भाटी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसके बाद पति विपिन भाटी, जेठ रोहित भाटी, सास दया और ससुर सतवीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

चार्जशीट में शामिल अहम साक्ष्य

पुलिस ने अपनी विवेचना में कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों को चार्जशीट का हिस्सा बनाया है:

🔸अस्पताल मेमो की रिपोर्ट: शुरुआत में जलने का कारण सिलेंडर का फटना बताया गया था।

🔸मौके से बरामदगी: घटनास्थल के निरीक्षण के बाद मिट्टी का नमूना, जले हुए कपड़े, थिनर की बोतल (ज्वलनशील पदार्थ) और लाइटर कब्जे में लिया गया था।

🔸फॉरेंसिक जांच: आरोपियों के पास से बरामद ज्वलनशील पदार्थ थिनर को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया था।

🔸डिजिटल साक्ष्य: इंटरनेट मीडिया में प्रसारित वीडियो को भी चार्जशीट में शामिल किया गया है।

बचाव पक्ष का दावा: ‘पूरी थ्योरी झूठी है’

बचाव पक्ष के अधिवक्ता उधम सिंह तोंगड़ और दिनेश कुमार कल्सन ने कहा है कि वे आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कराने और उन्हें सख्त सजा दिलाने के लिए मजबूती से कोर्ट में पक्ष रखेंगे। वहीं, बचाव पक्ष के वकील दिनेश चंद कलसन ने पुलिस की थ्योरी को झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा कि आरोपी घटना को आत्महत्या साबित करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस जांच में उनकी यह थ्योरी झूठी साबित हुई है।

 

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