Greater Noida भारतीय टॉक न्यूज़: गौतमबुद्ध नगर में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में मतदाताओं की उदासीनता जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। अभियान की अवधि समाप्त होने में अब केवल 10 दिन शेष हैं, लेकिन अभी तक केवल 66 प्रतिशत गणना प्रपत्र ही जमा हो पाए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो मतदाता इस दौरान गणना प्रपत्र भरकर सत्यापन नहीं कराएंगे, उनका नाम मतदाता सूची से काट दिया जाएगा।
1.30 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अभियान के दौरान सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार तक मृत और शहर से शिफ्ट हो चुके 1.30 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं। यह संख्या जिले के कुल मतदाताओं का 7 प्रतिशत से अधिक है।
11 दिसंबर तक बढ़ी अभियान की अवधि
जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में 4 नवंबर से एसआईआर अभियान चल रहा है। इस कार्यक्रम के तहत जिले के कुल 18.65 लाख मतदाताओं का सत्यापन किया जाना था। पहले यह काम 4 दिसंबर तक पूरा होना था, लेकिन धीमी गति को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने अभियान की अवधि बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दी है।
गौतमबुद्ध नगर की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में गणना प्रपत्र वितरण का काम तो पूरा हो गया है, लेकिन अब उन्हें भरकर जमा करवाने में प्रशासन को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार दोपहर तक जहां 66 प्रतिशत प्रपत्र जमा हुए, वहीं बाकी बचे 34 प्रतिशत प्रपत्रों को जमा कराना और उनका डिजिटलीकरण करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है।
प्रशासन अब उन क्षेत्रों को चिह्नित कर रहा है जहाँ फॉर्म जमा नहीं हो रहे हैं, और इन स्थानों पर विशेष शिविर लगाकर प्रपत्र जमा करवाने का काम तेज़ी से किया जाएगा।
कॉलेजों के 80% छात्र मतदाता शहर से बाहर
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में 18 वर्ष के नए मतदाताओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसके लिए कॉलेजों में विशेष शिविर लगाए गए थे। हालांकि, एसआईआर अभियान के दौरान यह सामने आया है कि इन कॉलेजों से जोड़े गए मतदाताओं में से लगभग 80 प्रतिशत छात्र मतदाता शिफ्ट हो चुके हैं और वर्तमान में अलग-अलग शहरों में हैं। शारदा विश्वविद्यालय के बूथ से ही 80 प्रतिशत मतदाताओं के शिफ्ट होने की जानकारी मिली है। प्रशासन इस पर विशेष ध्यान दे रहा है।
बीएलओ पर कड़ी निगरानी
कार्य की धीमी गति को देखते हुए प्रशासन ने फिसड्डी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को चिह्नित किया है और साथ ही टॉप-5 व टॉप-10 प्रदर्शन करने वाले बीएलओ को भी पहचान दिलाई गई है। सुपरवाइजर के साथ-साथ कॉर्डिनेटर, सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है, जो सभी मिलकर बीएलओ की सहायता कर रहे हैं ताकि उन बूथों पर एसआईआर का काम तेजी से पूरा किया जा सके।

