Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NIA) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, और अब जल्द ही इसके उद्घाटन और कॉमर्शियल उड़ानों के शुरू होने का इंतज़ार है। अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में डोमेस्टिक (घरेलू) कॉमर्शियल फ्लाइट्स की शुरुआत की जाएगी, और इसके लगभग एक माह बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू करने की तैयारी है।
एयरोड्रम लाइसेंस जल्द जारी होगा
हवाई अड्डे की कॉमर्शियल उड़ान की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नागर विमान महानिदेशालय (DGCA) जल्द ही NIA को एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर सकता है। यह लाइसेंस ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी की रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद दिया जाएगा।
DGCA का लाइसेंस मिलने के बाद, हवाई अड्डे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन का इंतजार रहेगा। उद्घाटन के बाद, नियमानुसार डोमेस्टिक कॉमर्शियल फ्लाइट्स शुरू कर दी जाएंगी।
घरेलू उड़ानों की शुरुआत
शुरुआत में, निम्नलिखित शहरों के लिए कॉमर्शियल फ्लाइट्स शुरू होंगी:
🔸 चार मेट्रोपोलिटन शहर: मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, और कोलकाता।
🔸 अन्य शहर: कुल 12 प्रमुख शहरों में उड़ानें शुरू होंगी।
इन उड़ानों की तारीख घोषित होते ही, 15 से 20 दिन पहले टिकटों की बुकिंग शुरू हो जाएगी। इसके अलावा, लगभग 15 दिनों के भीतर देश के 35 प्रमुख शहरों के लिए भी डोमेस्टिक कॉमर्शियल फ्लाइट्स शुरू करने की योजना है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का चरण
डोमेस्टिक फ्लाइट्स की शुरुआत के लगभग एक माह बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू किया जा सकता है। NIA ने इसके लिए भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
विमानन कंपनियों से संपर्क
1. डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए:
डोमेस्टिक कॉमर्शियल फ्लाइट्स शुरू करने के लिए NIA से अकासा (Akasa), इंडिगो (IndiGo), और एयर इंडिया (Air India) जैसी कंपनियों ने संपर्क किया है। समझौतों के अनुसार, ये कंपनियां चरणबद्ध तरीके से 35 शहरों में अपनी उड़ानें शुरू कर सकेंगी।
2. अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स के लिए:
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी कई विमानन कंपनियों ने NIA से संपर्क साधा है। अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट शुरू होने पर, यात्री एयर इंडिया एक्सप्रेस, एयर इंडिया, इंडिगो, और विस्तारा एयरलाइंस की कॉमर्शियल फ्लाइटों के साथ-साथ अन्य देशों की फ्लाइट्स से भी यात्रा कर सकेंगे।
यह खबर नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी, जिससे उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की कनेक्टिविटी को एक नई गति मिलेगी।

