नोएडा/भारतीय टॉक न्यूज़: कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की थाना फेस-2 पुलिस ने कंपनियों के शटर काटकर चोरी करने वाले एक बेहद शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ट्रांसपोर्ट नगर सेक्टर-88 के पास से घेराबंदी कर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लगभग 2.5 लाख रुपये का चोरी का सामान और वारदात में इस्तेमाल होने वाली कार बरामद हुई है।
रात के अंधेरे में बंद कंपनियों की करते थे रेकी
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों—अशोक भाटी, सचिन उर्फ विशाल और वसीम मलिक—ने बताया कि वे दिल्ली-एनसीआर के औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसी कंपनियों को निशाना बनाते थे जहाँ रात में कोई सुरक्षा गार्ड नहीं होता था। ये लोग पहले दिन में रेकी करते थे और फिर रात के अंधेरे में ग्राइंडर मशीन, हथौड़ी और कटर से शटर के ताले काटकर अंदर घुस जाते थे।
हाईटेक चोर: इंटरनेट कॉलिंग और टेप का खेल
पुलिस से बचने के लिए यह गैंग बेहद शातिर तरीके अपनाता था। अपनी कार (DL13CA3793) की पहचान छिपाने के लिए ये नंबर प्लेट पर टेप लगा देते थे। लोकेशन ट्रेस न हो, इसके लिए आपस में बात करने के लिए सामान्य कॉल के बजाय इंटरनेट कॉलिंग का प्रयोग करते थे। चोरी किए गए माल को ये इधर-उधर भागकर अलग-अलग शहरों में ऊंचे दामों पर बेच देते थे।
दर्जनों वारदातों को दे चुके हैं अंजाम
पकड़े गए अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास है।
🔸 सचिन उर्फ विशाल: इस पर चोरी, लूट और गैंगस्टर एक्ट के कुल 24 मामले दर्ज हैं।
🔸 वसीम मलिक: इसके खिलाफ फेस-2, सेक्टर-20 और नॉलेज पार्क थानों में 17 मुकदमे दर्ज हैं।
🔸 अशोक भाटी: इस पर भी चोरी और आर्म्स एक्ट के 5 मामले दर्ज हैं।
ये तीनों मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले हैं और वर्तमान में दिल्ली के सोनिया विहार व मयूर विहार इलाकों में छिपकर रह रहे थे।
बरामदगी का विवरण:
पुलिस ने इनके पास से 41 बंडल बिजली के तार, 61 लोहे की प्लेट, 120 स्टील की पत्ती, 3 अवैध चाकू, ताला काटने के उपकरण और चोरी में इस्तेमाल कार बरामद की है। थाना फेस-2 पुलिस ने अभियुक्तों को जेल भेज दिया है और इनके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
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