नोएडा /भारतीय टॉक न्यूज़ : दिल्ली-एनसीआर में मोबाइल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाते हुए थाना फेस-2 नोएडा पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 6 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है और 2 बाल अपचारियों को हिरासत में लिया है। इनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 821 चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 6 से 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इस बड़ी सफलता पर पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।

भीड़भाड़ वाले बाजारों और सर्दियों के कपड़ों का फायदा उठाते थे चोर
इस गिरोह के अपराध करने का तरीका बेहद संगठित है, जिसका खुलासा पुलिस पूछताछ के दौरान हुआ। यह गैंग विशेष रूप से सर्दियों के मौसम को अपना मुख्य समय बनाता था क्योंकि लोग जैकेट और भारी कपड़े पहनते हैं, जिससे उन्हें जेब से मोबाइल चोरी होने का तुरंत एहसास नहीं होता था। ये शातिर अपराधी दिल्ली-एनसीआर के भीड़-भाड़ वाले बाजारों, सब्जी मंडियों और साप्ताहिक हाटों में ग्राहकों को अपना निशाना बनाते थे। गिरोह के सदस्य एक समूह में चलते थे और जैसे ही किसी ग्राहक का ध्यान भटकता, ये तुरंत कीमती मोबाइल निकाल लेते थे। पकड़े जाने के डर से ये चोर तुरंत चुराया गया फोन अपने पास खड़े दूसरे साथी को पास कर देते थे ताकि पकड़े जाने पर तलाशी के दौरान उनके पास से कुछ भी बरामद न हो सके।
झारखंड और बिहार के बाजारों में खपाए जाते थे चोरी के मोबाइल
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान गोविन्दा महतो, रोहित सैनी, श्याम कुमार राय, भरतीया महतो, शेखर और प्रदीप कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं। यह गिरोह काफी मात्रा में मोबाइल फोन इकट्ठा हो जाने के बाद उन्हें ट्रेन के माध्यम से झारखंड और बिहार ले जाता था और वहां के स्थानीय बाजारों में सस्ते दामों पर बेचकर अवैध आर्थिक लाभ कमाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गैंग के सदस्य चोरी की कमाई को अपनी मौज-मस्ती पर खर्च करते थे। वर्तमान में पुलिस ने अभियुक्तों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगालने की कोशिश की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

