नोएडा/भारतीय टॉक न्यूज़: गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) में पिछले कई दिनों से छात्रों के बीच फीस को लेकर असंतोष व्याप्त था। ‘भारतीय टॉक न्यूज़’ ने छात्रों के दर्द को समझते हुए इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था कि किस तरह फीस के नाम पर विसंगतियां और कथित घोटाले की बू आ रही है। हमारी टीम ने लगातार छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई, जिसका परिणाम अब सबके सामने है।
क्या था पूरा मामला?
विश्वविद्यालय के विभिन्न कोर्सेज में पढ़ रहे छात्रों ने आरोप लगाया था कि उनसे निर्धारित मानकों से अधिक फीस वसूली जा रही है और फीस जमा करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। इस मामले में ‘भारतीय टॉक न्यूज़’ ने ‘फीस घोटाला’ शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित कर प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। हमने अपनी रिपोर्ट में छात्रों की वित्तीय समस्याओं और विश्वविद्यालय के रवैये पर कड़े सवाल खड़े किए थे।
विश्वविद्यालय ने जारी किया स्पष्टीकरण और नोटिस

खबर का व्यापक असर होते ही GBU प्रशासन हरकत में आया। विश्वविद्यालय ने अब एक आधिकारिक नोटिस जारी कर फीस संबंधी विसंगतियों पर स्पष्टीकरण दिया है। प्रशासन ने स्वीकार किया है कि छात्रों की शिकायतों का संज्ञान लिया गया है और अब फीस जमा करने की प्रणाली को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा।
छात्रों ने ‘भारतीय टॉक न्यूज़’ का जताया आभार
इस जीत के बाद GBU के छात्रों में खुशी की लहर है। छात्रों का कहना है कि जब कोई उनकी सुनने वाला नहीं था, तब ‘भारतीय टॉक न्यूज़’ ने एक जिम्मेदार मीडिया संस्थान की भूमिका निभाई और उनकी आवाज को दबने नहीं दिया।
भारतीय टॉक न्यूज़ का संकल्प: “हमारा उद्देश्य केवल समाचार पहुंचाना ही नहीं, बल्कि समाज और छात्रों से जुड़े मुद्दों का समाधान ढूंढना भी है। GBU के इस मामले में छात्रों को मिली राहत हमारी पत्रकारिता की सार्थकता को दर्शाती है।”
| चरण | विवरण |
|---|---|
| समस्या | GBU छात्रों से अवैध/अतिरिक्त फीस की मांग। |
| हमारा एक्शन | ‘भारतीय टॉक न्यूज़’ द्वारा फीस घोटाले का पर्दाफाश। |
| परिणाम | विश्वविद्यालय द्वारा सुधारात्मक नोटिस जारी। |

