ग्रेटर नोएडा (विशेष संवाददाता) / भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश का गौतमबुद्ध नगर जिला अब केवल रिहायशी हब नहीं, बल्कि देश का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण ने वैश्विक निवेशकों को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया है। इसी क्रम में, ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 29 कंपनियों को औद्योगिक भूखंड आवंटित किए हैं।
500 करोड़ का निवेश और हजारों को रोजगार
प्राधिकरण के इस कदम से क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जमीन पर उतरेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन कंपनियों के आने से स्थानीय युवाओं के लिए 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
प्राधिकरण ने हाल ही में 39 औद्योगिक प्लॉटों की एक योजना निकाली थी। इसमें से 29 प्लॉटों के आवंटियों की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें आवंटन पत्र (Allotment Letter) सौंप दिए गए हैं।
समय पर शुरू होगा उत्पादन: एमओयू (MOU) पर हस्ताक्षर
निवेशकों में भरोसा जगाने और काम में तेजी लाने के लिए प्राधिकरण ने सभी कंपनियों के साथ एक एमओयू (Memorandum of Understanding) भी साइन किया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कंपनियां अपनी उत्पादन इकाइयों (Production Units) को तय समय सीमा के भीतर शुरू कर सकें।
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) सौम्य श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि, “39 में से 29 कंपनियों को आवंटन पत्र दे दिए गए हैं। हमारा लक्ष्य है कि तय समय पर इंडस्ट्री शुरू करवाई जाए ताकि 500 करोड़ का निवेश धरातल पर दिखे और हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल सके।”
क्यों बढ़ रहा है निवेशकों का रुझान?
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में निवेश बढ़ने के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं:
बेहतर कनेक्टिविटी: नोएडा एयरपोर्ट, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे ने ट्रांसपोर्टेशन को बेहद आसान बना दिया है।
सरकार की नीतियां: उत्तर प्रदेश सरकार की ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ नीति निवेशकों को लुभा रही है।
ग्रेटर नोएडा का इंफ्रास्ट्रक्चर: चौड़ी सड़कें, 24 घंटे बिजली और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था ने इसे औद्योगिक हब बना दिया है।

