गाजियाबाद /भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का बड़ा असर देखने को मिला है। मेरठ विजिलेंस (सतर्कता विभाग) की टीम ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए निवाड़ी थाना प्रभारी (SHO) जयपाल सिंह रावत को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि एसएचओ ने एक मुकदमे से नाम हटाने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
मोदी-योगी पर टिप्पणी का मामला और वसूली का खेल
पूरा मामला राजनीतिक टिप्पणी से जुड़े एक मुकदमे से शुरू हुआ था। जानकारी के अनुसार, अबूपुर गांव के पूर्व प्रधान राकेश बिट्टू के खिलाफ निवाड़ी पुलिस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। राकेश बिट्टू का दावा था कि उन्होंने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है और पुलिस के पास इसका कोई सबूत भी नहीं है। इसी मुकदमे से नाम निकालने और मामले को रफा-दफा करने के एवज में एसएचओ जयपाल सिंह रावत ने 50 हजार रुपये की डिमांड रखी थी।
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विजिलेंस टीम की जाल में फंसे थानेदार
राकेश बिट्टू ने हार मानने के बजाय मेरठ विजिलेंस टीम में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। सोमवार को जैसे ही एसएचओ जयपाल सिंह रावत ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, पहले से ही मुस्तैद विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। थानेदार की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
थाने के भीतर हड़कंप, कानूनी कार्रवाई जारी
विजिलेंस की इस छापेमारी के दौरान निवाड़ी थाने के अन्य कर्मचारी और अधिकारी सन्न रह गए। टीम आरोपी एसएचओ को गिरफ्तार कर अपने साथ मेरठ ले गई है, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Anti-Corruption Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गाजियाबाद पुलिस के आला अधिकारियों ने भी इस मामले की रिपोर्ट तलब की है और एसएचओ के निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

