नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़: जनपद के सेक्टर-94 क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। एमिटी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाला एक छात्र अपने दोस्तों के साथ परीक्षा खत्म होने की खुशी में पिकनिक मनाने गया था, लेकिन वहां पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद शहर में विकास कार्यों के नाम पर छोड़े गए असुरक्षित और खुले गड्ढों को लेकर एक बार फिर प्रशासन और संबंधित विभागों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद निवासी हर्षित भट्ट एमिटी यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (B.P.Ed) के छठे सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा था। बुधवार को परीक्षाएं समाप्त होने के बाद वह अपने तीन दोस्तों के साथ सेक्टर-94 थाना क्षेत्र में पिकनिक मनाने और घूमने निकला था। इस दौरान सभी दोस्त पास ही मौजूद पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में नहाने और मौज-मस्ती करने लगे। इसी बीच हर्षित अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गया और डूबने लगा। साथ मौजूद दोस्तों ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन पानी गहरा होने के कारण वे उसे नहीं निकाल सके।
पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से निकाला शव
घटना के तुरंत बाद दोस्तों ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। डीसीपी शाद मियां खान ने बताया कि सूचना मिलते ही सेक्टर-94 थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों और लोगों की मदद से हर्षित को काफी मशक्कत के बाद गड्ढे से बाहर निकाला गया। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
नोएडा में इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि इस नए हादसे ने शहरवासियों को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए खोदे गए गड्ढों को बिना किसी सुरक्षा घेरे या चेतावनी बोर्ड के छोड़ दिया जाता है, जो बारिश या पानी भरने के बाद जानलेवा साबित होते हैं।
हर्षित के घर में उसकी मौत की खबर पहुंचते ही कोहराम मच गया। जिस बेटे की परीक्षा खत्म होने की खुशी मनाई जानी थी, उसकी मौत की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर यह गड्ढा किसका था और वहां सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे।

