New Noida Master Plan: न्यू नोएडा शहर में बुलंदशहर के 80 गांव भी शामिल हैं। नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम ने मौके पर जाकर मुआयना किया और नए निर्माण कार्य पर रोक लगाने का आदेश दिया है। यह कदम उत्तर प्रदेश के सबसे कमाऊ और आधुनिक शहर गौतमबुद्ध नगर में न्यू नोएडा शहर बनाने की दिशा में उठाया गया है।
भूमि अधिग्रहण और मुआवजा
न्यू नोएडा शहर के आसपास लोगों को जमीन खरीदने की बढ़ती होड़ और अतिक्रमण को लेकर सख्त फैसला लिया गया है। भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों से वार्ता चल रही है और 1000 करोड़ रुपये का फंड शुरुआती स्तर पर तैयार है। बुलंदशहर के 80 गांव और दादरी के 20 गांव मिलकर नया नोएडा बनाने की योजना है।
- मुआवजे का प्रावधान: न्यू नोएडा के विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का मुआवजा कोष तैयार किया गया है।
- किसानों से वार्ता: भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों से लगातार वार्ता चल रही है।
- किसानों की मांग: किसान मुआवजे के साथ-साथ आबादी की भूमि में प्लॉट और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं।
अधिकारियों की सक्रियता
नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम ने बुलंदशहर के जिला अधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि न्यू नोएडा क्षेत्र में कोई नया निर्माण नहीं किया जाए। 18 अक्टूबर को DNGR मास्टर प्लान का अप्रूवल मिला है, जिसके तहत 201 वर्ग किलोमीटर का नोएडा शहर बसाया जाएगा।
- अधिसूचित क्षेत्र: बुलंदशहर के 80 गांव और दादरी के 20 गांव को मिलाकर न्यू नोएडा बनाया जाना है।
- निर्माण पर रोक: अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी नए निर्माण पर रोक लगा दी गई है।
- अथॉरिटी का कदम: नोएडा अथॉरिटी के सीईओ ने बुलंदशहर के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इस संबंध में निर्देश दिए हैं।
किसानों की चिंताएं
नोएडा अथॉरिटी के अधिकारी और जिलाधिकारी बुलंदशहर के 80 गांव के किसानों से लगातार बातचीत कर रहे हैं। राजस्व विभाग से नोएडा अथॉरिटी की टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि मुआवजा किस तरीके से दिया जाए। किसानों की मांग है कि उन्हें आबादी की भूमि में प्लॉट के अलावा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाए।
- अतिक्रमण: न्यू नोएडा में अतिक्रमण की समस्या गंभीर है।
- किसानों का विरोध: भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों का विरोध भी संभावित है।
- मुआवजे का मुद्दा: मुआवजे की राशि और अन्य सुविधाओं को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच मतभेद हो सकते हैं।
अवैध अतिक्रमण पर सख्ती
अवैध अतिक्रमण को लेकर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम ने स्पष्ट किया है कि किसी नए निर्माण की स्वीकृति नहीं दी जाएगी, जो एरिया अधिसूचना के तहत है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि नया नोएडा शहर योजनाबद्ध तरीके से विकसित हो सके।
इस प्रकार, न्यू नोएडा शहर के विकास की दिशा में उठाए गए कदमों से यह स्पष्ट है कि प्रशासन किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए एक संतुलित और योजनाबद्ध विकास की ओर अग्रसर है।
यह भी देखें :-