ग्रेटर नोएडा: साझेदारी की आड़ में 7 करोड़ की धोखाधड़ी, रक्षा कंपनी की गोपनीय हथियार तकनीक चुराने का आरोप

Greater Noida: Fraud of Rs 7 crore under the guise of partnership, accused of stealing confidential weapon technology of defense company

Partap Singh Nagar
3 Min Read
ग्रेटर नोएडा: साझेदारी की आड़ में 7 करोड़ की धोखाधड़ी, रक्षा कंपनी की गोपनीय हथियार तकनीक चुराने का आरोप

Greater Noida News / भारतीय टॉक न्यूज़: भारतीय सेना के लिए हथियार बनाने की परियोजना में साझेदारी का झांसा देकर एक कंपनी ने ग्रेटर नोएडा की प्रतिष्ठित रक्षा उपकरण निर्माता कंपनी से 7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर दी। आरोप है कि आरोपी कंपनी ने गोपनीय डिजाइन, सॉफ्टवेयर और हथियारयुक्त ड्रोन की तकनीक हासिल कर ली। पीड़ित कंपनी के निदेशक की शिकायत पर बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने आरोपी कंपनी के तीन निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

ग्रेटर नोएडा के साइट-4 में स्थित एमट्रेक्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (Mtrex Technology Pvt. Ltd.) पिछले 17 वर्षों से रक्षा उपकरणों के स्वदेशी विकास और निर्माण के क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी के पास रक्षा औद्योगिक लाइसेंस (DIL) भी है। कंपनी के निदेशक असीम यादव ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि 17 फरवरी, 2025 को भारतीय सेना के इन्फैंट्री महानिदेशालय (Inf-7) ने 190 वीटीओएल लोइटर म्यूनिशन सिस्टम (VTOL Loiter Munition Systems) की खरीद के लिए एक प्रस्ताव जारी किया था।

इस प्रस्ताव के जारी होने के बाद, मेसर्स क्विक पे प्राइवेट लिमिटेड (M/s Quick Pay Pvt. Ltd.) के प्रतिनिधियों ने मई-2025 में एमट्रेक्स टेक्नोलॉजीज के ग्रेटर नोएडा स्थित प्लांट का दौरा किया। उन्होंने एमट्रेक्स के साथ इस परियोजना पर काम करने के लिए साझेदारी का प्रस्ताव रखा।

झूठे वादों से हासिल की गोपनीय तकनीक

असीम यादव का आरोप है कि क्विक पे कंपनी के पास न तो रक्षा निर्माण का कोई पूर्व अनुभव था, न ही उनके पास कोई तकनीकी योग्यता या विनिर्माण क्षमता थी। इसके बावजूद, कंपनी के निदेशकों ने झूठे वादे कर एमट्रेक्स टेक्नोलॉजीज का भरोसा जीत लिया। साझेदारी की आड़ में उन्होंने एमट्रेक्स से हथियार की डिजाइन, इंजीनियरिंग ड्रॉइंग, सॉफ्टवेयर कोड और प्रोटोटाइप हथियारयुक्त ड्रोन से जुड़ी सभी गोपनीय तकनीकी जानकारी और विशेषज्ञता हासिल कर ली। जब एमट्रेक्स को धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तब तक आरोपी कंपनी लगभग सात करोड़ रुपये मूल्य की बौद्धिक संपदा और तकनीकी डेटा हासिल कर चुकी थी।

पुलिस ने दर्ज किया केस

धोखाधड़ी का पता चलने पर एमट्रेक्स टेक्नोलॉजी के निदेशक ने बीटा-2 कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेसर्स क्विक पे प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों राजीब रॉय, मनोशी रॉय एवं राकेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। इस घटना ने रक्षा क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के बीच बौद्धिक संपदा की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

 

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