Greater Noida News /भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी (डीएम) मेधा रूपम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपना निजी अकाउंट बंद कर दिया है। यह कदम उन्होंने लगातार हो रही ऑनलाइन ट्रोलिंग और अपने परिवार को निशाना बनाए जाने से परेशान होकर उठाया है। मेधा रूपम मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं, और हाल ही में विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोपों के बाद से ही उन्हें और उनके परिवार को सोशल मीडिया पर लगातार निशाना बनाया जा रहा था।
रिपोर्टों के अनुसार, डीएम मेधा रूपम के निजी एक्स अकाउंट को हर पोस्ट में टैग किया जा रहा था और उनके परिवार के सदस्यों की तस्वीरें भी अपमानजनक टिप्पणियों के साथ पोस्ट की जा रही थीं। इस समन्वित ट्रोलिंग अभियान का उद्देश्य उन पर और उनके परिवार पर अनुचित दबाव बनाना प्रतीत होता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, डीएम ने अपने सभी निजी सोशल मीडिया अकाउंट्स को निष्क्रिय करने का फैसला किया है।
इस संबंध में जिलाधिकारी मेधा रूपम ने पुष्टि की है कि सोशल मीडिया पर उनके परिवार को लेकर विभिन्न प्रकार की भ्रामक बातें और तस्वीरें पोस्ट की जा रही थीं। उन्होंने कहा, “इस कारण मैंने अपना निजी अकाउंट फिलहाल बंद कर दिया है।”
यह घटनाक्रम उस राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि में हुआ है जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष रूप से बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष ने इसे ‘वोट चोरी’ की साजिश करार दिया है। इन आरोपों का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पुरजोर खंडन किया है और आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए सबूत मांगे हैं।
हालांकि, इस राजनीतिक टकराव का खामियाजा उनके परिवार को भुगतना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स ने डीएम मेधा रूपम को उनके पिता के पद के कारण निशाना बनाना शुरू कर दिया, जो कि एक स्वतंत्र प्रशासनिक अधिकारी के रूप में उनके अपने काम से पूरी तरह से अलग है।
इस मामले पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) एसोसिएशन ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एसोसिएशन ने मुख्य चुनाव आयुक्त और उनके परिवार के सदस्यों, जो स्वयं प्रतिष्ठित सिविल सेवक हैं, के खिलाफ निर्देशित “अनुचित आलोचना” और व्यक्तिगत हमलों की निंदा की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नीतिगत मतभेदों को व्यक्तिगत हमलों में नहीं बदलना चाहिए।
2014 बैच की आईएएस अधिकारी मेधा रूपम ने हाल ही में गौतमबुद्ध नगर की पहली महिला जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला है। उनकी गिनती एक तेजतर्रार और कुशल अधिकारी के रूप में होती है। ट्रोलिंग के कारण एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा अपना सोशल मीडिया अकाउंट बंद करने की यह घटना सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के karşı बढ़ते ऑनलाइन उत्पीड़न और राजनीतिक विमर्श के गिरते स्तर को उजागर करती है।

