Noida News/ भारतीय टॉक न्यूज़ : डिजिटल लेन-देन के बढ़ते चलन के साथ तेजी से पैर पसार रहे साइबर अपराधों पर गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। थाना बिसरख स्थित साइबर हेल्प डेस्क की त्वरित कार्रवाई ने एक साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति को उसकी मेहनत की कमाई वापस दिला दी है। पुलिस ने पीड़ित के खाते से उड़ाए गए पूरे ₹3,63,000 की रकम को सफलतापूर्वक रिकवर कर उसके बैंक खाते में वापस ट्रांसफर करा दिया है।
बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के सख्त दिशा-निर्देशन में गौतमबुद्ध नगर पुलिस आम नागरिकों को जागरूक करने और साइबर ठगों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए एक बहुआयामी रणनीति पर काम कर रही है। जिले के सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना और जागरूकता अभियानों का संचालन इसी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
साइबर हेल्प डेस्क ने दिखाई तत्परता
ताजा मामले में, थाना बिसरख क्षेत्र के एक निवासी ने साइबर हेल्प डेस्क से संपर्क कर अपने साथ हुई ₹3,63,000 की ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, थाना पुलिस ने बिना किसी देरी के तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों ने तुरंत संबंधित बैंकों और वित्तीय संस्थानों से संपर्क साधा।
पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए धोखेबाजों के खाते में ट्रांसफर की गई रकम के लेन-देन को ट्रैक किया और संबंधित नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर उस खाते को फ्रीज करा दिया। पुलिस की इस मुस्तैदी और सटीक कार्रवाई का परिणाम यह हुआ कि ठगी गई पूरी राशि को सफलतापूर्वक पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दिया गया।
पीड़ित ने जताया पुलिस का आभार
साइबर ठगी के जाल में फंसकर अपनी गाड़ी कमाई गंवा चुके पीड़ित को जब कुछ ही घंटों में अपनी पूरी रकम वापस मिल गई, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पीड़ित ने गौतमबुद्ध नगर पुलिस, विशेषकर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और थाना बिसरख की साइबर हेल्प डेस्क टीम की कार्यशैली की सराहना करते हुए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया।
यह घटना साइबर अपराध के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर पुलिस की प्रतिबद्धता और प्रभावशीलता का एक और प्रमाण है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर पीड़ित को घबराना नहीं चाहिए, बल्कि तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या अपने नजदीकी थाने की साइबर हेल्प डेस्क पर सूचना देनी चाहिए। समय पर की गई शिकायत से ठगी गई रकम की वापसी की संभावना काफी बढ़ जाती है।

