Greater Noida/ Dadri/ भारतीय टॉक न्यूज़: दादरी तहसील से सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्थानांतरित करने के विरोध में स्थानीय अधिवक्ताओं की हड़ताल आज आठवें दिन भी जारी रही, जिससे तहसील में रजिस्ट्री और संबंधित सभी कामकाज पूरी तरह से ठप हैं। वकीलों के इस विरोध प्रदर्शन को अब व्यापक समर्थन मिलता दिख रहा है, जिसमें किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा सहित आधा दर्जन से अधिक सामाजिक संगठन भी शामिल हो गए हैं।
सोमवार को बार एसोसिएशन, दादरी के अधिवक्ताओं के साथ अग्रवाल मित्र मंडल, जय हो सामाजिक संस्था, राष्ट्रीय युवा लोक मंच, क्राइम कंट्रोल मानव अधिकार आयोग और अपना अधिकार जनहित सामाजिक संगठन समेत कई अन्य संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता एकजुट हुए। इन सभी ने मिलकर दादरी नगर के जीटी रोड और मुख्य तिराहे पर सरकार के इस फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एक विशाल जुलूस निकाला।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का स्थानांतरण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे दादरी की पहचान और यहां के लोगों की सुविधा पर कुठाराघात बताया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह कार्यालय दशकों से दादरी में सफलतापूर्वक संचालित होता आया है और इसे यहां से हटाना न केवल वकीलों बल्कि आम जनता के लिए भी भारी असुविधाजनक होगा, जिन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दौड़ लगानी पड़ेगी।
एकजुटता का प्रदर्शन
इस हड़ताल की सबसे अहम बात विभिन्न सामाजिक और किसान संगठनों का एकजुट होकर वकीलों को समर्थन देना है। किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ वकीलों की नहीं, बल्कि पूरे दादरी क्षेत्र के सम्मान और सुविधा की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
संयुक्त रूप से जारी एक बयान में अधिवक्ताओं और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा, “हम सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का स्थानांतरण किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। यह फैसला जनविरोधी है और इसे वापस लिए जाने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”
प्रशासन की चुप्पी और जनता की परेशानी
आठ दिनों से चल रही इस हड़ताल के कारण बैनामा, रजिस्ट्री, विवाह पंजीकरण जैसे महत्वपूर्ण सरकारी काम पूरी तरह से बंद हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग रोजाना तहसील के चक्कर काट कर निराश लौट रहे हैं। हालांकि, इस मामले पर जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया या समाधान का आश्वासन नहीं आया है, जिससे प्रदर्शनकारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारी जल्द से जल्द प्रशासन से वार्ता कर इस समस्या का समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।

