Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़ (संवाददाता): यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में औद्योगिक विकास की रफ्तार और तेज हो गई है। प्राधिकरण ने बुधवार को दो बड़ी कंपनियों, आरपी-संजीव गोयनका समूह और मिंडा कॉर्पोरेशन लिमिटेड को कुल 3,500 करोड़ रुपए के निवेश के लिए भूमि आवंटन का आशय पत्र (LOI) जारी कर दिया है। इस बड़े निवेश से न केवल उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पंख लगेंगे, बल्कि क्षेत्र के हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
देश के प्रतिष्ठित आरपी-संजीव गोयनका समूह ने यीडा क्षेत्र में 3,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश का प्रस्ताव दिया है। समूह सेक्टर-8डी में 100 एकड़ भूमि पर एक अत्याधुनिक एकीकृत सोलर इकोसिस्टम हब स्थापित करेगा। इस परियोजना में 60 मेगावाट का कैप्टिव सोलर एनर्जी स्टोरेज (ईएसएस) प्लांट और 3 मेगावाट की क्षमता वाली सोलर सेल निर्माण इकाई शामिल है।
🔸 उन्नत तकनीक: कंपनी के अनुसार, यह प्लांट टाॅपकाॅन और पेरोव्स्काइट-टेंडेम सेल जैसी उन्नत सौर तकनीकों पर केंद्रित होगा, जिनकी दक्षता 28-30 प्रतिशत से अधिक है। इससे बिजली की लागत में 10-15 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है।
🔸आयात पर निर्भरता कम: इस परियोजना से आयातित सोलर मॉड्यूल पर भारत की भारी निर्भरता (वर्तमान में लगभग 90%) कम होगी और घरेलू मूल्यवर्धन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
🔸रोजगार सृजन: इस परियोजना से 1,200 से अधिक प्रत्यक्ष और 4,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा और सेमीकंडक्टर उद्योगों में कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
ऑटो पार्ट्स निर्माण को मिलेगा बढ़ावा
देश की प्रमुख ऑटोमोटिव कंपनी मिंडा कॉर्पोरेशन लिमिटेड यीडा क्षेत्र में अपना दूसरा प्लांट स्थापित करने जा रही है। कंपनी इस नए संयंत्र की स्थापना पर 500 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करेगी, जिसमें वायरिंग हार्नेस, क्लस्टर, सेंसर्स और कनेक्टर्स जैसे महत्वपूर्ण ऑटो पार्ट्स का निर्माण किया जाएगा। मिंडा का एक प्लांट पहले से ही यीडा के सेक्टर-24 में संचालित है। कंपनी के इस नए निवेश से क्षेत्र में 5,000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
प्राधिकरण ने की पुष्टि
यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आरके सिंह ने बताया कि दोनों कंपनियों को आशय पत्र जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आरपी-संजीव गोयनका समूह अब निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से राज्य सरकार के समक्ष अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, जिसके बाद उच्च स्तरीय समिति की मंजूरी के बाद भूमि का औपचारिक आवंटन किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इन निवेशों से क्षेत्र का औद्योगिक परिदृश्य और मजबूत होगा।

