Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी को बेचने के नाम पर बैंक की फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दिखाकर एक व्यक्ति से 9.44 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक मुख्य आरोपी को नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान जीशान अली के रूप में हुई है, जिसके पास से अपराध में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच कर रही है।
क्या है करोड़ों की धोखाधड़ी का यह मामला?
अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) श्रीमती शैव्या गोयल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पीड़ित अशोक कुमार ने इस साल थाना फेस-1 में एक मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत के अनुसार, अशोक कुमार नोएडा में एक प्रॉपर्टी खरीदना चाहते थे। एक प्रॉपर्टी डीलर के माध्यम से उनकी मुलाकात जीशान अली, विशाल गुप्ता और जहीर अहमद से हुई। इन लोगों ने उन्हें नोएडा के सेक्टर-6 के एफ-ब्लॉक में स्थित एक 796 वर्ग मीटर का प्लॉट दिखाया।
यह सौदा 30 मार्च, 2023 को 12 करोड़ 50 लाख रुपये में तय हुआ। सौदे के अनुसार, अशोक कुमार ने आरोपियों को अलग-अलग समय पर कुल 9 करोड़ 44 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान कर दिया। भुगतान के दौरान आरोपियों ने अशोक कुमार को एक बैंक की NOC दिखाते हुए यह विश्वास दिलाया कि प्रॉपर्टी पर लिया गया लोन चुका दिया गया है और यह पूरी तरह से विवाद-मुक्त है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़े का पर्दाफाश?
धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित द्वारा खरीदे गए भूखंड पर एक सरकारी संस्थान ने नीलामी का नोटिस चस्पा कर दिया। नोटिस देखकर हैरान अशोक कुमार ने जब बैंक में जाकर पता किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बैंक ने बताया कि उन्हें दी गई NOC पूरी तरह से फर्जी थी और प्रॉपर्टी पर अभी भी लोन बकाया है। इस मामले में बैंक के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है।
जब पीड़ित ने इस बारे में आरोपियों जीशान अली और उसके साथियों से बात की, तो उन्होंने पैसे लौटाने के बजाय उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने खुद को मीडिया से जुड़ा बताकर पीड़ित को बर्बाद करने की धमकी भी दी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
पीड़ित की शिकायत पर 17 अक्टूबर, 2024 को जीशान अली, विशाल गुप्ता, जहीर अहमद, आरिफ और अन्य अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच साइबर क्राइम थाने को सौंप दी गई।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया और आज मुख्य आरोपी 46 वर्षीय जीशान अली (पुत्र इफ्तिखार अली, निवासी सर सैयद अपार्टमेंट, नोएडा) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, जीशान इस गिरोह के मुख्य सदस्यों में से एक है। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों विशाल गुप्ता, जहीर अहमद और आरिफ की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

