Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़ (संवाददाता) : रूस की विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के लगभग 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र ग्रेटर नोएडा का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यहां निवेश की संभावनाओं को तलाशना और विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का जायजा लेना था। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और आईआईटीजीएनएल (इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड) के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की और यहां की औद्योगिक सुविधाओं की जमकर सराहना की।
बैठक के दौरान, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सौम्य श्रीवास्तव और प्रेरणा सिंह ने रूसी मेहमानों के समक्ष एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। इसमें उन्होंने इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (एमएमएलएच) और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर प्रकाश डाला।

श्रीवास्तव ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा, “इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप भारत की सबसे स्मार्ट टाउनशिप में से एक है, जिसे ‘प्लग एंड प्ले’ की अनूठी अवधारणा पर विकसित किया गया है। इसका अर्थ है कि निवेशकों को भूखंड आवंटन के तुरंत बाद अपना उद्योग स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं तैयार मिलेंगी।” उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र सड़क, रेल और हवाई मार्ग से बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करता है, जो इसे किसी भी व्यवसाय के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है।
एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि प्राधिकरण एमएमएलएच और एमएमटीएच परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से प्रयास कर रहा है, जिससे क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और परिवहन की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।
प्रस्तुतिकरण के बाद, रूसी प्रतिनिधिमंडल ने इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप का स्थलीय भ्रमण किया। आईआईटीजीएनएल की ओर से प्रीति शर्मा और महावीर सजवान ने उन्हें ‘प्लग एंड प्ले’ सिस्टम, स्वचालित अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र और विद्युत सबस्टेशन जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण कराया। प्रतिनिधिमंडल ने यहां पहले से स्थापित हायर (Haier) कंपनी की इकाई का भी दौरा किया और वहां के कामकाज को समझा।
ग्रेटर नोएडा के सुनियोजित विकास, औद्योगिक माहौल और भविष्य की योजनाओं से प्रभावित होकर रूसी प्रतिनिधिमंडल ने यहां निवेश करने की प्रबल इच्छा व्यक्त की। इस दौरे से ग्रेटर नोएडा में विदेशी निवेश आने की संभावनाएं और प्रबल हो गई हैं, जो क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।

