Greater Noida News/ भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने स्वच्छता और कूड़ा प्रबंधन के नियमों को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देशों का पालन करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसायटियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कूड़े का उचित प्रबंधन न करने पर दो सोसायटियों पर कुल 40,600 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह अभियान सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) नियम, 2016 के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है, विशेषकर बल्क वेस्ट जनरेटर (बड़ी मात्रा में कूड़ा उत्पन्न करने वाले) संस्थानों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
मंगलवार, 19 अगस्त को, टीम ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-16 स्थित रतन पर्ल और केबी नोज, सेक्टर-16बी की गुलशन बेलिना और निराला एस्पायर, तथा सेक्टर-4 स्थित आस्था ग्रीन सोसाइटी का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि गुलशन बेलिना और निराला एस्पायर सोसायटियों में SWM नियमों का सही ढंग से पालन किया जा रहा था।
हालांकि, केबी नोज और आस्था ग्रीन सोसाइटी में कूड़ा प्रबंधन में गंभीर खामियां पाई गईं। इन सोसायटियों में गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग करने और उसके निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं थी। नियमों के इस उल्लंघन पर कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने केबी नोज सोसाइटी पर 20,400 रुपये और आस्था ग्रीन सोसाइटी पर 20,200 रुपये का जुर्माना लगाया।
अधिकारियों ने दोनों सोसायटियों के प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन जारी रहा और कूड़े का सही तरीके से निस्तारण नहीं किया गया तो उन पर और भी भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
इस कार्रवाई पर प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों से अपील की है कि वे अपनी जिम्मेदारी को समझें और कूड़े का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इधर-उधर कूड़ा फेंकने वालों और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्राधिकरण द्वारा कठोर कदम उठाए जाएंगे।

