Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़ (संवाददाता) : उत्तर प्रदेश के जेवर विधानसभा क्षेत्र से विधायक धीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर, वर्ष 2022 में ‘अग्निवीर योजना’ के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान युवाओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने का आग्रह किया है।
विधायक ने 29 अक्टूबर 2025 को प्रेषित अपने पत्र में कहा है कि इन युवाओं का भविष्य सुनिश्चित करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक है।
“विपक्ष के भ्रमजाल में फंसे निर्दोष युवा”
धीरेंद्र सिंह ने अपने पत्र में तर्क दिया है कि 2022 में जब केंद्र सरकार ने अग्निवीर योजना की घोषणा की थी, तब कई विपक्षी दलों ने युवाओं के बीच भ्रामक जानकारी फैलाई। उनका कहना है कि सेना भर्ती का सपना देखने वाले और राष्ट्रसेवा की भावना रखने वाले कई निर्दोष युवा, इन राजनैतिक दलों के “भ्रमजाल” में फंसकर अनजाने में विरोध प्रदर्शनों में शामिल हो गए थे।
प्रदेश भर में दर्ज हैं 51 मुकदमे
ज्ञात हो कि 2022 में हुए इन प्रदर्शनों ने प्रदेश के कई जिलों को प्रभावित किया था। इनमें मथुरा, अलीगढ़, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, गाजियाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, फतेहगढ़, रायबरेली, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर और बलिया जैसे जिले प्रमुख रूप से शामिल थे। इन विरोध प्रदर्शनों के संबंध में विभिन्न थानों और कोतवालियों में लगभग 51 मुकदमे दर्ज किए गए थे।
मुख्यधारा से जोड़ने का आग्रह
पत्र में, जेवर विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया:
🔸 “विभिन्न राजनैतिक दलों के बहकावे में आकर अग्निवीर योजना के विरोध में उतरे उन सभी निर्दोष युवाओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए, जिससे प्रदेश का नौजवान अपने भविष्य को लेकर निश्चिंत होकर आगे बढ़ सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।”
🔸इस मौके पर अनूपशहर से विधायक संजय शर्मा भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस मांग का समर्थन किया। धीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हमेशा नौजवानों के हित में खड़ी रही है।”
यह पत्र उन सैकड़ों युवाओं के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है, जो इन मुकदमों के कारण अपने करियर और भविष्य को लेकर चिंतित थे।

