अर्जुन भाटी को राष्ट्रीय युवा पुरस्कार मिलते ही मायचा गांव में जश्न का माहौल, गोल्फर बेटे की उपलब्धि पर दादी-पिता की आंखें हुईं नम, गांव में बटी मिठाईयां

As soon as Arjun got the National Youth Award, there was a festive atmosphere in Maycha village, grandmother and father's eyes became moist on the achievement of the golfer son, sweets were distributed in the village

Partap Singh Nagar
3 Min Read
अर्जुन को राष्ट्रीय युवा पुरस्कार मिलते ही मायचा गांव में जश्न का माहौल, गोल्फर बेटे की उपलब्धि पर दादी-पिता की आंखें हुईं नम, गांव में बटी मिठाईयां

Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा के मायचा गांव में उस वक्त खुशी की लहर दौड़ गई, जब उनके बेटे और गोल्फर अर्जुन भाटी को राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। टीवी पर इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को ग्रहण करते देख अर्जुन की दादी और पिता की आंखें खुशी से छलक उठीं। परिवार के अन्य सदस्यों और उनके कोच भी अपने आंसू रोक नहीं पाए। गांव में इस उपलब्धि का जमकर जश्न मनाया गया और सोशल मीडिया पर निवासियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी अर्जुन को ढेरों शुभकामनाएं दीं।

कोरोना काल में जरूरतमंदों की मदद कर जीता युवाओं का दिल

अर्जुन भाटी ने कोरोना महामारी के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए अपनी 102 गोल्फ ट्रॉफियां बेच दी थीं और प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति निधि (पीएम केयर्स फंड) में 4.30 लाख रुपये का दान दिया था। इसके अलावा, उन्होंने कई लोगों की जान बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके इस निस्वार्थ सेवा भाव के लिए ही उन्हें बृहस्पतिवार को केंद्रीय श्रम, रोजगार, युवा एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया।

दादी की प्रेरणा ने दिखाई राह

अर्जुन को समाज सेवा की प्रेरणा अपनी दादी महरचंदी से मिली थी, जिन्होंने अपनी एक वर्ष की पेंशन, लगभग 1.26 लाख रुपये, पीएम राहत कोष में दान कर दिए थे। अर्जुन हमेशा अपनी दादी को अपना आदर्श मानते हैं।

दादी की आंखों से छलके खुशी के आंसू

अर्जुन की दादी महरचंदी ने जेपी ग्रीन्स सोसाइटी में टीवी पर अपने पोते को सम्मानित होते देख भावुक होकर कहा, “यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी खुशी का पल है। मैं स्वयं पर काबू नहीं रख सकी और मेरी आंखों से आंसू बहने लगे। यह हमारे पूरे परिवार के लिए गर्व की बात है।”

पिता ने कहा, सपने में भी नहीं सोचा था

अर्जुन के पिता बॉबी भाटी ने अपने बेटे की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “मेरे बेटे ने वह कर दिखाया है, जिसकी मैंने कभी सपने में भी कल्पना नहीं की थी। राष्ट्रीय युवा पुरस्कार मिलने पर मैं केंद्र सरकार का आभारी हूं। मैं अर्जुन के सभी चाहने वालों को भी धन्यवाद देता हूं। यह पुरस्कार उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो समाज सेवा और परोपकार के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। हर मां-बाप का यह सपना होता है कि उनका बेटा एक दिन उनका नाम रोशन करे।”

 

Spread the love
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!