Uttar Pradesh/ Rampur / भारतीय टॉक न्यूज़: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान और उनके बेटे, पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म को एक और बड़े कानूनी झटके का सामना करना पड़ा है। रामपुर की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने (आज, 17 नवंबर) दोनों को दो पैन कार्ड रखने के एक पुराने मामले में दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
फैसले के तुरंत बाद, आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म को कोर्ट रूम से ही न्यायिक हिरासत में ले लिया गया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2019 में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना द्वारा रामपुर के सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज कराया गया था। आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आज़म ने धोखाधड़ी और साजिश के तहत दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाए थे।
🔸 पहला पैन कार्ड: एक पैन कार्ड में उनकी जन्मतिथि 1 जनवरी, 1993 दर्ज थी, जो उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर सही बताई गई।
🔸दूसरा पैन कार्ड: जबकि, दूसरे पैन कार्ड में उनकी जन्मतिथि 30 सितंबर, 1990 दिखाई गई थी।
चुनाव लड़ने के लिए फर्जीवाड़े का आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार, दूसरी जन्मतिथि (1990) वाले पैन कार्ड का इस्तेमाल 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए किया गया था। आरोप था कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि अब्दुल्ला की उम्र चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम 25 वर्ष की अहर्ता पूरी कर सके। इस पूरे मामले में आज़म खान पर अपने बेटे की मदद करने और साजिश में शामिल होने का आरोप था।
दो महीने पहले ही जेल से आए थे बाहर
रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट शोभित बंसल की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म को दोषी पाया और सजा का ऐलान किया। यह फैसला आज़म खान के लिए एक बड़ा झटका है, जिन्हें करीब दो महीने पहले ही (23 सितंबर को) सीतापुर जेल से रिहा किया गया था। इस नए फैसले के बाद दोनों को एक बार फिर जेल जाना होगा।

