भारतीय टॉक न्यूज़ की खबर का बड़ा असर: GBU फीस घोटाले के खुलासे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन सख्त, छात्रों के हित में जारी किया नया नोटिस

GBU Fee Scam News: गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में फीस वसूली के मुद्दे पर 'भारतीय टॉक न्यूज़' की खबर का असर। विश्वविद्यालय ने घोटाले के बाद जारी किया आधिकारिक नोटिस, छात्रों को मिली बड़ी राहत।

Partap Singh Nagar
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भारतीय टॉक न्यूज़ की खबर का बड़ा असर: GBU फीस घोटाले के खुलासे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन सख्त, छात्रों के हित में जारी किया नया नोटिस

 

नोएडा/भारतीय टॉक न्यूज़: गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) में पिछले कई दिनों से छात्रों के बीच फीस को लेकर असंतोष व्याप्त था। ‘भारतीय टॉक न्यूज़’ ने छात्रों के दर्द को समझते हुए इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था कि किस तरह फीस के नाम पर विसंगतियां और कथित घोटाले की बू आ रही है। हमारी टीम ने लगातार छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई, जिसका परिणाम अब सबके सामने है।

क्या था पूरा मामला?

विश्वविद्यालय के विभिन्न कोर्सेज में पढ़ रहे छात्रों ने आरोप लगाया था कि उनसे निर्धारित मानकों से अधिक फीस वसूली जा रही है और फीस जमा करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। इस मामले में ‘भारतीय टॉक न्यूज़’ ने ‘फीस घोटाला’ शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित कर प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। हमने अपनी रिपोर्ट में छात्रों की वित्तीय समस्याओं और विश्वविद्यालय के रवैये पर कड़े सवाल खड़े किए थे।

विश्वविद्यालय ने जारी किया स्पष्टीकरण और नोटिस

भारतीय टॉक न्यूज़ की खबर का बड़ा असर: GBU फीस घोटाले के खुलासे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन सख्त, छात्रों के हित में जारी किया नया नोटिस

खबर का व्यापक असर होते ही GBU प्रशासन हरकत में आया। विश्वविद्यालय ने अब एक आधिकारिक नोटिस जारी कर फीस संबंधी विसंगतियों पर स्पष्टीकरण दिया है। प्रशासन ने स्वीकार किया है कि छात्रों की शिकायतों का संज्ञान लिया गया है और अब फीस जमा करने की प्रणाली को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा।

छात्रों ने ‘भारतीय टॉक न्यूज़’ का जताया आभार

इस जीत के बाद GBU के छात्रों में खुशी की लहर है। छात्रों का कहना है कि जब कोई उनकी सुनने वाला नहीं था, तब ‘भारतीय टॉक न्यूज़’ ने एक जिम्मेदार मीडिया संस्थान की भूमिका निभाई और उनकी आवाज को दबने नहीं दिया।

भारतीय टॉक न्यूज़ का संकल्प: “हमारा उद्देश्य केवल समाचार पहुंचाना ही नहीं, बल्कि समाज और छात्रों से जुड़े मुद्दों का समाधान ढूंढना भी है। GBU के इस मामले में छात्रों को मिली राहत हमारी पत्रकारिता की सार्थकता को दर्शाती है।”

चरणविवरण
समस्याGBU छात्रों से अवैध/अतिरिक्त फीस की मांग।
हमारा एक्शन‘भारतीय टॉक न्यूज़’ द्वारा फीस घोटाले का पर्दाफाश।
परिणामविश्वविद्यालय द्वारा सुधारात्मक नोटिस जारी।

 

 

 

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