Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़ : ग्रेटर नोएडा में अपराध पर नकेल कसते हुए, जिला प्रशासन ने स्क्रैप माफिया रवि काना समेत चार लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें इन लोगों के आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की बात कही गई थी।
मामले की पृष्ठभूमि:
जनवरी 2024 में, रवि काना पर एक युवती से गैंगरेप का आरोप लगा था। इसके बाद, बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने रवि काना और उसके गिरोह के 14 सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इन आरोपियों में दादूपुर गांव के राजकुमार, विकास नागर और आजाद नागर भी शामिल थे।
लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया:
पुलिस ने इन सभी आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के लिए जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी थी। जिलाधिकारी की अदालत में सुनवाई के बाद, पहले लाइसेंस निलंबित किए गए और फिर उन्हें निरस्त कर दिया गया।
जिलाधिकारी का बयान:
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि रवि काना और उसके गिरोह के तीन सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। बाकी शस्त्र लाइसेंस मामलों पर विचार किया जा रहा है और उनका निस्तारण जल्द से जल्द किया जाएगा।
अन्य माफियाओं पर कार्रवाई की संभावना:
पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर, कुछ और माफियाओं के शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त किए जा सकते हैं। विभिन्न अदालतों में कई मामले विचाराधीन हैं, जिन पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा।
रवि काना का आपराधिक इतिहास:
रवि काना पर गैंगरेप और गैंगस्टर एक्ट के अलावा भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह स्क्रैप और सरिया माफिया के रूप में जाना जाता है और उसके गिरोह पर जबरन वसूली, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप हैं।
यह कार्रवाई ग्रेटर नोएडा में अपराध पर लगाम लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन और पुलिस ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

