यमुना डूब क्षेत्र में फार्महाउसों पर बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने 24 सितंबर तक तोड़फोड़ पर लगाई रोक

Big relief for farmhouses in Yamuna flood area, High Court bans demolition till September 24

Partap Singh Nagar
3 Min Read
यमुना डूब क्षेत्र में फार्महाउसों पर बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने 24 सितंबर तक तोड़फोड़ पर लगाई रोक

Noida News /भारतीय टॉक न्यूज़: यमुना के डूब क्षेत्र में बने फार्महाउसों के मालिकों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए नोएडा प्राधिकरण को तत्काल प्रभाव से किसी भी तरह की तोड़फोड़ की कार्रवाई करने से रोक दिया है। इसके साथ ही, कोर्ट ने फार्महाउस मालिकों को भी यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है, जिसका अर्थ है कि वे भी किसी नए निर्माण या बदलाव को अंजाम नहीं दे सकेंगे। इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को निर्धारित की गई है।

यह आदेश 30 फार्महाउस मालिकों द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के बाद आया। ये मालिक नोएडा प्राधिकरण और सिंचाई विभाग द्वारा डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से प्रभावित थे। याचिकाकर्ताओं ने अदालत के समक्ष दलील दी कि उनके फार्महाउस यमुना नदी के किनारे से लगभग चार से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं और ये हाई फ्लड लेवल (HFL) के दायरे से भी बाहर हैं। उन्होंने प्राधिकरण पर मनमाने ढंग से और चयनात्मक रूप से कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पारदर्शिता की कमी का भी मुद्दा उठाया।

क्यों थमी प्राधिकरण की कार्रवाई?

हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद नोएडा प्राधिकरण का बुलडोजर अभियान फिलहाल थम गया है। प्राधिकरण ने हाल ही में 26 अगस्त को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 से अधिक फार्महाउसों को ध्वस्त कर दिया था, जिसके बाद मामला अदालत पहुंचा। अब कोर्ट में प्रकरण लंबित होने के कारण प्राधिकरण के अधिकारी इस पर कोई भी टिप्पणी करने से बच रहे हैं।

2022 से चला आ रहा है विवाद

यमुना डूब क्षेत्र में अवैध फार्महाउसों का यह विवाद कोई नया नहीं है। नोएडा प्राधिकरण जून 2022 से ही इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रहा है। उस दौरान एक ही दिन, यानी 1 जून 2022 को, 62 फार्महाउसों पर बुलडोजर चलाया गया था। इसके बाद 8, 11 और 16 जून को भी दर्जनों अवैध निर्माणों को गिराया गया था। उस समय भी कई फार्महाउस मालिक न्याय के लिए न्यायालय की शरण में गए थे।

अब सभी की निगाहें 24 सितंबर पर

फिलहाल, नोएडा प्राधिकरण ने हाईकोर्ट के आदेश का अध्ययन शुरू कर दिया है। अब इस मामले में आगे की पूरी कार्रवाई 24 सितंबर को होने वाली सुनवाई के बाद न्यायालय के फैसले पर ही निर्भर करेगी। इस तारीख पर न केवल फार्महाउस मालिकों बल्कि प्राधिकरण के अधिकारियों की भी नजरें टिकी हुई हैं।

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