ग्रेटर नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़ : जनपद के बिसरख कोतवाली क्षेत्र में शनिवार रात एक अधिवक्ता और उनके परिवार के साथ पुलिस द्वारा कथित अभद्रता और मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अधिवक्ता की बेरहमी से पिटाई की सूचना मिलते ही रविवार सुबह सैकड़ों की संख्या में वकीलों ने कोतवाली का घेराव कर जोरदार हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो उप-निरीक्षक (SI) और दो हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है।
आधी रात को घर में घुसकर मारपीट का आरोप
सूरजपुर न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता फरीद अहमद के सहयोगियों का आरोप है कि शनिवार रात करीब 11:30 बजे चार पुलिसकर्मी ककराला गांव स्थित उनके घर पहुंचे। अधिवक्ता अमित राणा के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने फरीद अहमद और उनके परिवार के साथ बदसलूकी की। आरोप है कि पुलिस ने अधिवक्ता की भाभी के साथ अभद्रता की और फरीद अहमद को डंडों से बुरी तरह पीटा, जिससे उनके निजी अंगों और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। इसके बाद पुलिस उन्हें अवैध हिरासत में लेकर कोतवाली आ गई।
रविवार सुबह जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी और सचिव शोभाराम चंदीला के नेतृत्व में अधिवक्ता बिसरख कोतवाली पहुंचे और फरीद अहमद को हिरासत से छुड़ाया। वकीलों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें बर्खास्त करने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
पुलिस का पक्ष: भाई को फरार कराने का आरोप
दूसरी ओर, पुलिस ने मारपीट के आरोपों को शुरुआत में नकारा था। एडीसीपी सेंट्रल नोएडा आरके गौतम के अनुसार, पुलिस एक अपहरण और मारपीट के मामले में नामजद आरोपी सोनू (अधिवक्ता का भाई) की तलाश में दबिश देने गई थी। पुलिस का आरोप है कि अधिवक्ता ने रौब दिखाते हुए घर का दरवाजा बंद कर लिया और अपने भाई को पिछले रास्ते से फरार करा दिया। इस दौरान पुलिस के साथ अभद्रता की गई, जिसके बाद अधिवक्ता को पूछताछ के लिए लाया गया था। हालांकि, अधिवक्ता फरीद अहमद का कहना है कि उनके भाई का उस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और पुलिस ने गलतफहमी में यह कार्रवाई की।
एक्शन: 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, एसीपी को सौंपी जांच
हंगामे और बार एसोसिएशन के कड़े रुख के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त कदम उठाया है। मामले में दो सब इंस्पेक्टर और दो हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एडीसीपी आरके गौतम ने बताया कि एसीपी-1 सेंट्रल नोएडा उमेश यादव को पूरे प्रकरण की विभागीय जांच सौंपी गई है। उधर, बार अध्यक्ष मनोज भाटी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई नहीं हुई, तो अधिवक्ता संगठन पुलिस आयुक्त कार्यालय का घेराव कर हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।

