ग्रेटर नोएडा (बिसरख)/ भारतीय टॉक न्यूज़: अगर आप या आपका कोई परिचित रेलवे में सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहा है, तो यह खबर आपके लिए चेतावनी है। थाना बिसरख पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो बेरोजगार युवाओं को भारतीय रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करता था। पुलिस ने इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, कूटरचित दस्तावेज, सरकारी मोहरें और दस्तावेज तैयार करने वाले कंप्यूटर उपकरण बरामद हुए हैं। यह गिरोह इतना शातिर था कि पीड़ितों को बाकायदा भारत सरकार के नाम वाले फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र तक जारी कर देता था।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने एक पीड़ित से रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी से 8 लाख रुपये ऐंठ लिए थे और उसे एक फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया था। जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तो उसने थाना बिसरख में मामला दर्ज कराया। बुधवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चिपियाना बुजुर्ग रेलवे फाटक के पास से अश्वनी सारस्वत और पवन चौधरी को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर गिरोह के तीसरे साथी आकिल उर्फ अयान को शाहबेरी से दबोचा गया। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से 8 फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, 15 फर्जी आईडी कार्ड, रेलवे की रबर मोहरें, सीपीयू, प्रिंटर और बिना नंबर की स्कूटी बरामद हुई है। जांच में पता चला कि ये लोग कंप्यूटर और प्रिंटर की मदद से हूबहू असली दिखने वाले दस्तावेज तैयार करते थे ताकि किसी को शक न हो।

