Noida /भारतीय टॉक न्यूज़ : मीडिया हब कहे जाने वाले नोएडा के सेक्टर-16A फिल्म सिटी में बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। एक निजी न्यूज चैनल की मैगजीन में प्रकाशित आर्टिकल और उसमें छपे एक व्यंग्यात्मक चित्र (Caricature) को लेकर सपाइयों का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने इसे पार्टी संरक्षक दिवंगत मुलायम सिंह यादव (नेताजी) का घोर अपमान बताते हुए मैगजीन की प्रतियों को फाड़ डाला और चैनल के खिलाफ नारेबाजी की।
विवाद की वजह: ‘नेताजी’ की वह तस्वीर
विरोध का मुख्य कारण मैगजीन में छपा एक आर्टिकल और उसके साथ लगा ग्राफिक्स है। बताया जा रहा है कि आर्टिकल में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के परिवार और आंतरिक कलह को लेकर टिप्पणी की गई थी। लेकिन कार्यकर्ताओं का गुस्सा उस तस्वीर पर था, जिसमें दिवंगत मुलायम सिंह यादव के दोनों हाथों को सपा परिवार के लोग अलग-अलग दिशाओं में खींचते हुए दिखाए गए हैं। सपा कार्यकर्ताओं ने इसे एक “भद्दा मजाक” और अपने दिवंगत नेता का अपमान करार दिया।
राकेश यादव बोले- मीडिया की कलम झुकनी नहीं चाहिए
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे सपा के प्रदेश सचिव राकेश यादव ने मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आक्रोशित लहजे में कहा:
“यह आर्टिकल और चित्र केवल आलोचना नहीं, बल्कि हमारे श्रद्धेय नेताजी का अपमान है। मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, उसकी कलम एकतरफा नहीं होनी चाहिए। अगर मीडिया की कलम सत्ता के आगे झुक जाएगी या किसी एजेंडे के तहत काम करेगी, तो गरीब, मजलूम और विपक्ष की आवाज कौन उठाएगा? हम नेताजी का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
पुलिस छावनी बना फिल्म सिटी
विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नोएडा पुलिस हरकत में आ गई। फिल्म सिटी के संवेदनशील इलाके को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया ताकि स्थिति नियंत्रित रहे। सपा कार्यकर्ताओं ने मैगजीन की प्रतियां हवा में लहराईं और उन्हें फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर मीडिया संस्थान ने माफी नहीं मांगी, तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।
क्या था आर्टिकल में?
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, आर्टिकल में ‘यादव परिवार’ के बीच के रिश्तों को तल्ख अंदाज में पेश किया गया था। लेकिन जिस तरह से ग्राफिक्स के जरिए मुलायम सिंह यादव की छवि को प्रस्तुत किया गया, उसने कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।

