लखनऊ/नोएडा: भारतीय टॉक न्यूज़: नोएडा के सेक्टर-150 में कोहरे के दौरान एक निर्माणाधीन मॉल के पानी से भरे बेसमेंट में कार गिरने से हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वीभत्स घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए दोषी अधिकारियों और सिस्टम की लापरवाही पर कड़ा प्रहार किया है।

नोएडा CEO पर गिरी गाज
घटना के बाद से ही नोएडा प्राधिकरण के प्रबंधन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर सवाल उठ रहे थे। सोशल मीडिया से लेकर धरातल तक जनता के भारी आक्रोश के बीच मुख्यमंत्री ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उन्हें फिलहाल प्रतीक्षारत (Waiting) रखा गया है। बताया जा रहा है कि शहर के प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल में विफलता के चलते यह बड़ी कार्रवाई की गई है।

3 सदस्यीय SIT करेगी जांच
मामले की तह तक जाने और दोषियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए एक उच्च-स्तरीय एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम में निम्नलिखित वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है:
🔸 मेरठ मंडलायुक्त
🔸 एडीजी (ADG) जोन, मेरठ
🔸मुख्य अभियंता (CE), लोक निर्माण विभाग (PWD)
यह टीम मौके का मुआयना करने के साथ-साथ यह भी जांचेगी कि उस खतरनाक स्थान पर बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं लगाए गए थे।
5 दिन में मांगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एसआईटी अपनी जांच पूरी कर पाँच दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करे। रिपोर्ट के आधार पर उन सभी विभागीय अधिकारियों और बिल्डरों पर कार्रवाई की जाएगी जिनकी लापरवाही से 27 वर्षीय युवा इंजीनियर की जान गई।
| विभाग/अधिकारी | की गई कार्रवाई |
|---|---|
| नोएडा प्राधिकरण CEO | पद से हटाए गए (प्रतीक्षारत) |
| जांच टीम (SIT) | 3 वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी गठित |
| ट्रैफिक सेल JE | नवीन कुमार की सेवाएं समाप्त |
| लोटस बिल्डर | आवंटन और निर्माण रिपोर्ट तलब |

