लखनऊ/दादरी/ भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान दादरी से भाजपा विधायक तेजपाल सिंह नागर ने अपने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को बेहद मजबूती के साथ सदन के पटल पर रखा। विधायक ने जहाँ एक ओर प्रदेश सरकार के बजट की सराहना की, वहीं दूसरी ओर ग्रेटर नोएडा वेस्ट (Noida Extension) के लाखों निवासियों के लिए मेट्रो कनेक्टिविटी और किसानों के सालों से लंबित मुआवज़ा वृद्धि की मांग को प्रमुखता से उठाया।
‘दहेज’ में मिली समस्याओं का हो समाधान: किसानों के मुद्दे पर तीखे तेवर
विधायक तेजपाल नागर ने किसानों की समस्याओं पर बोलते हुए पिछली सरकारों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि गौतम बुद्ध नगर के किसानों की कई समस्याएं पिछली सरकारों द्वारा “दहेज” की तरह छोड़ दी गई थीं, जिन्हें सुलझाने का काम वर्तमान योगी सरकार कर रही है।
🔸मुआवज़ा वृद्धि: विधायक ने सदन को बताया कि जिले में किसानों का मुआवज़ा कई वर्षों से नहीं बढ़ा है, जिससे उनमें असंतोष है।
🔸हाई पावर कमेटी: उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों के हितों के लिए गठित हाई पावर कमेटी की सिफारिशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए ताकि अन्नदाताओं को उनका वाजिब हक और न्याय मिल सके।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट: “लाखों लोग, पर मेट्रो का इंतज़ार कब तक?”
क्षेत्र की सबसे बड़ी आबादी वाले हिस्से, ग्रेटर नोएडा वेस्ट का मुद्दा उठाते हुए विधायक ने कहा कि यहाँ फ्लैटों की संख्या प्रदेश में सबसे अधिक है और लाखों लोग यहाँ बस चुके हैं। बावजूद इसके, अभी तक यह क्षेत्र मेट्रो नेटवर्क से नहीं जुड़ पाया है।
“बेहतर कनेक्टिविटी न होने से लाखों लोगों को रोज़ाना ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है। सरकार को जल्द से जल्द ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो विस्तार की योजना को धरातल पर उतारना चाहिए।” — विधायक तेजपाल नागर
शिक्षा, सुरक्षा और बुनियादी ढांचा: अन्य प्रमुख मांगें
विधायक ने केवल बड़े प्रोजेक्ट्स ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन से जुड़े छोटे लेकिन महत्वपूर्ण विषयों पर भी ध्यान आकर्षित किया:
🔸 कच्ची कॉलोनियों का विकास: दादरी क्षेत्र की कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए रास्तों पर इंटरलॉकिंग टाइल्स और जल निकासी (Drainage) की उचित व्यवस्था की मांग की गई।
🔸 उच्च शिक्षा: क्षेत्र में युवाओं को रोजगार और शिक्षा से जोड़ने के लिए दादरी में मिहिर भोज इंडस्ट्री (औद्योगिक/शैक्षणिक हब) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
🔸सुरक्षा और NDRF: हाल ही में एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसों (जैसे युवराज मेहता की दुखद मृत्यु) का हवाला देते हुए जिले में NDRF (National Disaster Response Force) यूनिट की संख्या बढ़ाने की जरूरत बताई, ताकि आपात स्थिति में जान बचाई जा सके।

