ग्रेटर नोएडा /भारतीय टॉक न्यूज़: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के अंतर्गत ग्रेटर नोएडा में बनने वाले मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) बोडाकी को लेकर प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इस विशाल प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण के बाद अब प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) की प्रक्रिया तेज हो गई है।
उप जिलाधिकारी (SDM) दादरी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, प्रभावित 7 गांवों में परिवारों की सांख्यिकीय गणना (सर्वे) के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।
इन 7 गांवों में शुरू हुआ सर्वे
परियोजना से प्रभावित होने वाले निम्नलिखित गांवों में सर्वे कार्य शुरू किया गया है:
🔸तिलपता करनवास
🔸 कठहेरा
🔸पल्ला
🔸 चमरावली बोडाकी
🔸दादरी
🔸चमरावली रामगढ़
🔸 पाली
3 सदस्यीय टीम करेगी सघन जांच
प्रशासन ने सर्वे कार्य को पारदर्शिता और सटीकता से पूरा करने के लिए प्रत्येक गांव हेतु 3 सदस्यीय टीम नियुक्त की है। इस टीम में मुख्य रूप से एक लेखपाल, एक संग्रह अमीन और एक सहयोगी कर्मचारी (जैसे ओ.डी.एफ. कर्मचारी या न.पा. कर्मचारी) शामिल हैं।
सर्वे के दौरान मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर डेटा जुटाया जाएगा:
🔸 प्रभावित परिवारों की कुल संख्या।
🔸परिवार के सदस्यों का विवरण (बालिग और नाबालिग)।
🔸अधिग्रहित होने वाली भूमि का क्षेत्रफल।
🔸परिवार की आय के साधन और रोजगार की स्थिति।
7 जनवरी तक की समय सीमा
उप जिलाधिकारी दादरी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी टीमें 01 जनवरी 2026 से 07 जनवरी 2026 के भीतर सर्वे कार्य पूर्ण कर अपनी रिपोर्ट तहसीलदार दादरी के माध्यम से उपलब्ध कराएं। इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने की चेतावनी दी गई है। नायब तहसीलदार दादरी को निर्देश दिया गया है कि वे प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करें।
विकास और रोजगार के नए अवसर
मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) बोडाकी परियोजना न केवल ग्रेटर नोएडा बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट का एक बड़ा केंद्र बनेगी। इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और हजारों नए रोजगार सृजित होंगे। शासन की योजना के अनुसार, परियोजना से प्रभावित परिवारों के पात्र सदस्यों को भी रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता दी जा सकती है।

