नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बाढ़ का डबल अटैक: यमुना उफान पर, 20 हजार से ज्यादा लोग निकाले गए; बारिश ने शहर को बनाया तालाब

Double attack of flood in Noida-Greater Noida: Yamuna in spate, more than 20 thousand people evacuated; Rain turns the city into a pond

Partap Singh Nagar
4 Min Read
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बाढ़ का डबल अटैक: यमुना उफान पर, 20 हजार से ज्यादा लोग निकाले गए; बारिश ने शहर को बनाया तालाब

 

Greater Noida News /भारतीय टॉक न्यूज़/नोएडा:  हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी और लगातार हो रही बारिश के कारण गौतम बुद्ध नगर जिले में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। यमुना नदी के उफान पर होने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा का पूरा डूब क्षेत्र जलमग्न हो गया है, जिसके चलते 14 से अधिक गांवों से 20,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, शहर के अंदरूनी इलाकों में भारी बारिश के कारण हुए जलभराव ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, यहाँ तक कि नोएडा प्राधिकरण का कार्यालय भी पानी में डूब गया।

यमुना का रौद्र रूप, डूब क्षेत्र जलमग्न

बुधवार को यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। ओखला बैराज पर जलस्तर 200.20 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से महज 0.40 मीटर नीचे है। नदी के बढ़ते जलस्तर ने सेक्टर-150 और 151 समेत पूरे डूब क्षेत्र में बने फार्म हाउस और बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया है।

जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाते हुए 20,000 से अधिक लोगों और लगभग 3,000 मवेशियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से बाहर निकाला है। इनमें से करीब 2500 लोगों को सरकारी शरणालयों में ठहराया गया है, जबकि हजारों लोगों ने ऊंचे स्थानों और पुश्तों पर तिरपाल डालकर अस्थायी ठिकाना बना लिया है। बारिश इन लोगों के लिए एक नई मुसीबत बनकर आई है, जिससे उनका सामान भीग रहा है और ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

शहर बना तालाब, प्राधिकरण दफ्तर भी डूबा

एक तरफ जहां ग्रामीण इलाके बाढ़ से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नोएडा शहर भारी बारिश के कारण जलभराव की गंभीर समस्या से त्रस्त है। सबसे चौंकाने वाली तस्वीर सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यालय से सामने आई, जहां परिसर में घुटनों तक पानी भर गया। कर्मचारियों और आगंतुकों को जूते हाथ में लेकर या ई-रिक्शे का सहारा लेकर एक विभाग से दूसरे विभाग तक जाना पड़ा।

शहर के फेज-1 और फेज-2 औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ सेक्टर-1 से लेकर 12, 22, 27, 59, 62, 63 समेत दर्जनों सेक्टरों में सड़कें दरिया बन गईं। डीएनडी, जीआईपी मॉल के सामने, सेक्टर-60 और 71 अंडरपास में हुए जलभराव ने ट्रैफिक की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया, जिससे लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ा। बारिश के बाद सेक्टर 78, 119, 135 और 150 की कई सोसाइटियों में बिजली कटौती की समस्या भी देखी गई।

हिंडन नदी ने भी बढ़ाई चिंता

यमुना के साथ-साथ हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से चोटपुर और छिजारसी जैसे निचले इलाकों के कई घरों में पानी घुस गया है। स्थिति बिगड़ते देख कई परिवारों ने अपने घर खाली कर दिए हैं और सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं।

प्रशासन की बचाव एवं राहत टीमें सक्रिय

जिला प्रशासन ने बाढ़ और जलभराव से निपटने के लिए कमर कस ली है।

रेस्क्यू टीमें: प्रभावित क्षेत्रों में 6 रिस्पांस टीमें और सांप काटने की घटनाओं से निपटने के लिए एक एंटी-स्नेक वेनम टीम तैनात की गई है।

मेडिकल कैंप: स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाए हैं, जहां खुजली, बुखार और सर्दी-जुकाम के मरीजों का इलाज किया जा रहा है और क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं।

कंट्रोल रूम: किसी भी आपात स्थिति के लिए प्रशासन ने कंट्रोल रूम नंबर 0120-2978231, 32, 33 जारी किए हैं।

राहत सामग्री: दादरी और सदर तहसील की टीमों द्वारा 300 राहत किट वितरित की गई हैं।

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