Greater Noida / BT News : बोड़ाकी रेलवे स्टेशन को मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) योजना के तहत इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जिला प्रशासन ने भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी क्रम में परिसंपत्तियों का सर्वे शुरू किया गया, लेकिन पहले ही दिन ग्रामीणों ने सवाल खड़े कर दिए और अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
एडीएम भू-अध्याप्ति बच्चू सिंह ने जानकारी दी कि सर्वे का उद्देश्य वहां बनी परिसंपत्तियों और निर्माण कार्यों का आकलन करना है, ताकि उचित मुआवजा तय किया जा सके। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि ग्रामीणों की सभी आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
प्रस्तावित प्रोजेक्ट के तहत बोड़ाकी, चमरावली, चमरावली रामगढ़, दादरी, तिलपता करनवास, पाली और पल्ला गांव की कुल 47.38 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी वर्षों पुरानी आबादी की जमीन को अधिग्रहित किया जा रहा है, जिससे वे सहमत नहीं हैं।
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक पुनर्वास नीति स्पष्ट नहीं होती, प्रभावित परिवारों को रोजगार की गारंटी नहीं दी जाती और मुआवजे की दर पर सहमति नहीं बनती, तब तक वे इस सर्वे का विरोध करते रहेंगे। विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन को फिलहाल सर्वे कार्य रोकना पड़ा है।
इससे पहले शुक्रवार को धारा 20ए के तहत अधिसूचना जारी कर प्रभावित भूमि की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई थी। अब जिला प्रशासन आपत्तियों के समाधान के बाद दोबारा सर्वे कराएगा।

