Noida /भारतीय टॉक न्यूज़ (संवाददाता) : नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ 81 गांवों के किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। किसान आबादी निस्तारण, बढ़े हुए दर से मुआवजा और अन्य प्रमुख मांगों को लेकर प्राधिकरण कार्यालय पर डटे हुए हैं। इसी बीच, शाम को धरने पर बैठे एक किसान की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक, धरना स्थल पर मौजूद गांव नंगली वाजिदपुर निवासी किसान रणबीर उर्फ बोदी चौहान की तबीयत अचानक खराब हो गई। मौके पर एंबुलेंस की व्यवस्था न होने के कारण, उन्हें तत्काल पुलिस की गाड़ी से नजदीकी कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
🚨 एंबुलेंस न होने पर भड़के किसान
इस घटना को लेकर किसानों ने व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने एक बयान में कहा कि धरना स्थल पर एंबुलेंस जैसी जरूरी सुविधा का न होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “एंबुलेंस के न होने से आज कोई बड़ी घटना भी हो सकती थी। आखिर शासन-प्रशासन धरना स्थल पर मौजूद रहने वाली सभी चीजों को उपलब्ध क्यों नहीं कराता?”

✊ “आश्वासन नहीं, हक लेकर जाएंगे”
इससे पहले, धरने को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने स्पष्ट किया कि नोएडा प्राधिकरण किसानों को हल्के में लेने की भूल न करे। उन्होंने कहा, “इस बार किसान अपना हक लेकर ही वापस जाएंगे। यह धरना केवल आश्वासनों पर खत्म नहीं होगा, चाहे यह कितना भी लम्बा क्यों न चलाना पड़े। किसान पीछे नहीं हटेंगे और लड़ेंगे।”
संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर चौहान ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण ने किसानों को हमेशा छला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण के साथ हुए पुराने समझौता पत्रों में यह स्पष्ट लिखा है कि किसानों का 5% और 10% के भूखंड, वर्ष 1976 से 1997 के बीच के किसान कोटे के प्लॉट और आबादी का संपूर्ण निस्तारण जैसे कई लाभ प्राधिकरण पर बकाया हैं, जिन्हें अभी तक पूरा नहीं किया गया है।
गुरुवार को धरने की अध्यक्षता जयपाल चौहान ने की और संचालन रिंकू यादव व अमित बैसोया ने किया। इस दौरान सुरेंद्र प्रधान, गौतम लोहिया, वीर सिंह टाइगर, गजेंद्र बैसोया, योगेश भाटी, सपना चौहान, विभा चौहान, उषा चौहान, सीमा शर्मा, अशर्फी देवी, कमलेश यादव समेत बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं मौजूद रहीं।

