गौतम बुद्ध नगर: IGRS पोर्टल पर लापरवाही, डिफॉल्टर विभागों पर डीएम की बड़ी कार्रवाई, असंतुष्ट फीडबैक पर वेतन रोकने के आदेश

Gautam Buddha Nagar: Negligence on IGRS portal, DM takes major action against defaulting departments, orders withholding salaries due to unsatisfactory feedback

Partap Singh Nagar
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गौतम बुद्ध नगर: IGRS पोर्टल पर लापरवाही, डिफॉल्टर विभागों पर डीएम की बड़ी कार्रवाई, असंतुष्ट फीडबैक पर वेतन रोकने के आदेश

Noida / भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश में जनशिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर शासन की मंशा के अनुरूप गौतम बुद्ध नगर जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) पोर्टल की समीक्षा बैठक में डीएम ने डिफॉल्टर श्रेणी में आने वाले और असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त करने वाले विभागों पर भारी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों के विभागों में 100 प्रतिशत असंतुष्ट फीडबैक मिला है, उनका अग्रिम आदेशों तक वेतन रोका जाए।

जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में IGRS पोर्टल पर लंबित शिकायतों, उनके निस्तारण की गुणवत्ता और जनता से मिले फीडबैक की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है, जिससे जनता को संतुष्टि नहीं मिल रही है और मामले डिफाल्टर श्रेणी में जा रहे हैं।

इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए डीएम मेधा रूपम ने कहा, “शासन स्तर पर IGRS पोर्टल की प्रतिदिन समीक्षा की जाती है और इसी के आधार पर जनपद की रैंकिंग तय होती है। किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही सीधे तौर पर जिले की छवि को प्रभावित करती है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

असंतुष्ट फीडबैक पर वेतन रोकने के कड़े निर्देश

बैठक का सबसे कठोर निर्णय उन अधिकारियों के खिलाफ रहा जिनके विभागों से प्राप्त फीडबैक पूरी तरह से असंतोषजनक था। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार को तत्काल ऐसे सभी विभागीय अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने और जब तक संतोषजनक जवाब न मिले, तब तक उनका वेतन रोकने का आदेश दिया। इस कदम को प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

अधिकारियों को दिए गए कड़े दिशा-निर्देश

डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से फोन पर संपर्क स्थापित करें। उन्होंने कहा कि केवल कागजी निस्तारण के बजाय शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिकायतकर्ता पूरी तरह से संतुष्ट हो। इसके अलावा, सभी अधिकारियों को प्रतिदिन स्वयं IGRS पोर्टल की मॉनिटरिंग करने का भी आदेश दिया गया।

जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा, “जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान ही इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य है। यह प्रणाली सरकार और जनता के बीच भरोसे का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।”

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉक्टर शिवाकांत द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार, अपर जिलाधिकारी (भू0अ0) बच्चू सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मंगलेश दुबे, उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता, उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा, सिटी मजिस्ट्रेट विवेक भदोरिया और जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश समेत प्राधिकरण व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। प्रशासन के इस सख्त रुख से उम्मीद है कि जिले में जनशिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।

 

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